10वीं ईस्ट जोन शूटिंग चैंपियनशिप में झारखंड के 165 निशानेबाजों ने दिखाया जौहर, 11 गोल्ड, 13 सिल्वर और 8 ब्रॉन्ज पर कब्जा; अब राष्ट्रीय चैंपियनशिप में दम दिखाने की तैयारी

जमशेदपुर। असित भट्टाचार्य

झारखंड के निशानेबाजों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि राज्य की प्रतिभा अब सिर्फ मैदानों तक सीमित नहीं, बल्कि निशानेबाजी के रेंज में भी अपनी मजबूत पहचान बना रही है। आसनसोल में आयोजित 10वीं ईस्ट जोन शूटिंग चैंपियनशिप में झारखंड के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 32 पदक अपने नाम किए।

25 से 30 अगस्त तक आयोजित इस चैंपियनशिप में झारखंड के कुल 165 निशानेबाजों ने हिस्सा लिया और विभिन्न स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। राज्य की टीम ने 11 गोल्ड, 13 सिल्वर और 8 ब्रॉन्ज मेडल जीतकर प्रतियोगिता में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।

झारखंड के निशानेबाजों ने कई स्पर्धाओं में बेहतरीन प्रदर्शन किया। 50 मीटर प्रोन पुरुष वर्ग में प्रतीक कुमार मेहता ने गोल्ड, जबकि ऋषु कुमार महतो ने सिल्वर मेडल जीता। महिला वर्ग में आकांक्षा ओझा ने गोल्ड, सृष्टि किंडो ने सिल्वर और शिवानी सोनी ने ब्रॉन्ज अपने नाम किया।

50 मीटर थ्री पोजीशन महिला वर्ग में तनु कुमारी ने गोल्ड और मोनिका कुमारी ने सिल्वर मेडल जीतकर झारखंड का मान बढ़ाया। वहीं 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल में सोनू प्रताप सिंह ने गोल्ड मेडल पर निशाना साधा।

युवा निशानेबाजों ने भी अपनी प्रतिभा से प्रभावित किया। 10 मीटर एयर राइफल जूनियर पुरुष वर्ग में अश्विन ने गोल्ड मेडल जीता, जबकि अर्चना कुमारी ने 10 मीटर एयर राइफल महिला वर्ग में ब्रॉन्ज हासिल किया। 10 मीटर एयर पिस्टल जूनियर पुरुष वर्ग में चिराग कुमार और 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल जूनियर महिला वर्ग में अंकिता बोस ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर झारखंड की पदक सूची में योगदान दिया।

झारखंड स्टेट राइफल एसोसिएशन के संयुक्त महासचिव मधुर अग्रवाल ने इस सफलता को खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों की कड़ी मेहनत तथा समर्पण का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि चैंपियनशिप में क्वालीफाई करने वाले खिलाड़ी अब दिसंबर 2026 में दिल्ली और भोपाल में आयोजित होने वाली 69वीं नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में झारखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे।

झारखंड स्टेट राइफल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिवाकर सिंह और महासचिव उत्तमचंद ने खिलाड़ियों, कोचों और टीम से जुड़े अधिकारियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।

आसनसोल की शूटिंग रेंज से निकली यह सफलता झारखंड के लिए सिर्फ 32 पदकों की उपलब्धि नहीं, बल्कि उस उभरती ताकत का संकेत है, जो आने वाले दिनों में राष्ट्रीय निशानेबाजी प्रतियोगिताओं में राज्य की पहचान और मजबूत कर सकती है।