39 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की घोषणा; 207 मैच, 125 गोल, विश्व कप और दो कोपा अमेरिका खिताब के साथ खत्म हुई महानतम करियरों में से एक की ऐतिहासिक यात्रा

नई दिल्ली। खेल संवाददाता

विश्व फुटबॉल के मैदान पर एक ऐसा अध्याय बंद हो गया है, जिसकी गूंज आने वाली कई पीढ़ियों तक सुनाई देती रहेगी। अर्जेंटीना के महान कप्तान लियोनेल मेसी ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की घोषणा कर दी है। 39 वर्षीय मेसी अब अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम की जर्सी में मैदान पर नजर नहीं आएंगे।

सोशल मीडिया पर भावनात्मक संदेश के जरिए अपने फैसले की घोषणा करते हुए मेसी ने कहा कि यह फैसला उनके लिए बेहद पीड़ादायक है, लेकिन अब उन्हें लगता है कि समय आ गया है कि नई पीढ़ी आगे बढ़े और अर्जेंटीना के लिए अपनी पहचान बनाए।

मेसी ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में अर्जेंटीना के लिए 207 मैच खेले और रिकॉर्ड 125 गोल किए। वह अर्जेंटीना के इतिहास में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले और सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी के रूप में विदा ले रहे हैं।

विश्व कप की अधूरी चाहत से विश्व विजेता बनने तक की कहानी

लियोनेल मेसी का अर्जेंटीना के साथ सफर केवल जीत और ट्रॉफियों की कहानी नहीं रहा, बल्कि आलोचनाओं, निराशाओं, हार और फिर ऐतिहासिक वापसी की भी कहानी रहा है।

2014 विश्व कप फाइनल की हार, कोपा अमेरिका फाइनल में लगातार निराशाओं और 2016 में एक बार संन्यास की घोषणा करने के बाद मेसी ने वापसी की थी। इसके बाद उन्होंने इतिहास बदल दिया।

उनके नेतृत्व में अर्जेंटीना ने 2021 में कोपा अमेरिका, 2022 में फाइनलिसिमा, 2022 में फीफा विश्व कप, और 2024 में फिर कोपा अमेरिका का खिताब जीता।

कतर विश्व कप 2022 की जीत ने मेसी को उस मुकाम पर पहुंचा दिया, जहां उन्हें केवल एक महान खिलाड़ी नहीं, बल्कि फुटबॉल इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों में गिना जाने लगा।

2026 विश्व कप फाइनल के बाद लिया फैसला

मेसी का यह फैसला अर्जेंटीना के 2026 विश्व कप फाइनल में स्पेन से हारने के बाद सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने फाइनल के बाद अपने अंतरराष्ट्रीय भविष्य पर गंभीरता से विचार किया और अंततः राष्ट्रीय टीम से अलग होने का फैसला किया।

अपने भावनात्मक संदेश में मेसी ने कहा कि उन्होंने अर्जेंटीना की जर्सी के लिए हमेशा अपना सब कुछ दिया और अब उन्हें लगता है कि इस अध्याय को समाप्त करने का समय आ गया है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अब नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को आगे आने का अवसर मिलना चाहिए।

लेकिन क्लब फुटबॉल अभी बाकी है

मेसी के प्रशंसकों के लिए राहत की बात यह है कि उन्होंने फुटबॉल को पूरी तरह अलविदा नहीं कहा है। उनका संन्यास केवल अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से है। वह क्लब फुटबॉल में इंटर मियामी के लिए खेलना जारी रखेंगे।

अर्जेंटीना की जर्सी में मेसी का सफर खत्म हुआ, लेकिन फुटबॉल के इतिहास में उनका नाम कभी खत्म नहीं होगा।

मैदान पर अब अर्जेंटीना की नीली-सफेद जर्सी में मेसी नहीं उतरेंगे। कप्तान की बांह पर उनका नाम नहीं होगा। विश्व कप में उनकी आखिरी दौड़, राष्ट्रीय गान के दौरान उनकी आखिरी उपस्थिति और अर्जेंटीना के लिए उनका आखिरी संघर्ष अब इतिहास का हिस्सा बन चुका है।

लेकिन सवाल शायद अब यह नहीं है कि मेसी ने कितना जीता? सवाल यह है कि—क्या आने वाले दशकों में कोई खिलाड़ी अर्जेंटीना और विश्व फुटबॉल के लिए मेसी जैसा दूसरा अध्याय लिख पाएगा?

आज अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम से केवल एक खिलाड़ी विदा नहीं हुआ है... आज अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से एक पूरा युग विदा हुआ है—अलविदा, कैप्टन मेसी!