पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर स्वदेशी जागरण मंच ने शुरू किया स्वदेशी सप्ताह
बिष्टुपुर स्थित स्वदेशी जागरण मंच के कार्यालय में गुरुवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर मंच के कार्यकर्ताओं ने 2 अक्टूबर तक जिले में स्वदेशी सप्ताह मनाने और घर-घर संपर्क अभियान चलाने का संकल्प लिया।
अभियान के दौरान मंच के कार्यकर्ता विभिन्न क्षेत्रों में लोगों से संपर्क कर स्वदेशी एवं विदेशी वस्तुओं की जानकारी वाली सूची वितरित करेंगे। साथ ही लोगों से स्वदेश निर्मित वस्तुओं का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की जाएगी।
एकात्म मानव दर्शन पर चर्चा
इस अवसर पर आयोजित गोष्ठी में स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय परिषद सदस्य मनोज सिंह ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों और उनके एकात्म मानव दर्शन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में केवल भौतिक संसाधन ही पर्याप्त नहीं हैं। सुखी और संतुष्ट जीवन के लिए मन, बुद्धि और आत्मा के विकास के साथ अच्छे विचार, सत्संग और अच्छी पुस्तकों का भी महत्व है।
उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारत को भारतीय दृष्टिकोण से देखने और देश के विकास की नीतियां भारतीय परिस्थितियों, संस्कृति, संसाधनों और लोगों को ध्यान में रखकर बनाने की बात कही थी। उन्होंने अंत्योदय के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया।
2047 तक विकसित भारत में स्वदेशी की भूमिका
मंच के अखिल भारतीय सह पर्यावरण प्रमुख बन्दे शंकर सिंह ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन और विचारों को अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए भारतीय कंपनियों और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना आवश्यक है।
कार्यक्रम में प्रांत प्रचार प्रमुख अमित मिश्रा, जिला संयोजिका राजपति देवी, महिला प्रमुख शोभा श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं स्वदेशी समर्थक उपस्थित रहे।





