सरायकेला। गरीबों की थाली तक पहुंचने वाला सरकारी राशन अगर कागजों में मौजूद हो और गोदाम में एक दाना भी न मिले, तो सवाल सिर्फ स्टॉक का नहीं, पूरी वितरण व्यवस्था की निगरानी का भी है। खरसावां में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की जांच के दौरान सामने आई ऐसी ही गंभीर अनियमितता के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए पीडीएस डीलर विनोद नायक (45) को गिरफ्तार किया है।

भौतिक जांच में चावल का स्टॉक शून्य

खरसावां थाना कांड संख्या 25/26, दिनांक 29 मई 2026, में BNS की धारा 316(5) और आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 7 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच और स्टॉक सत्यापन की प्रक्रिया के बाद पुलिस ने बुधवार को विनोद नायक को गिरफ्तार किया। मामला ग्राम तेलीसाई स्थित पीडीएस दुकान से जुड़ा है। निलंबित पीडीएस दुकानों के स्टॉक सत्यापन के दौरान प्रशासनिक जांच टीम को यहां कागजी रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में बड़ा अंतर मिला। रिकॉर्ड के अनुसार दुकान में 15,142 किलो चावल और 3,892 किलो गेहूं का स्टॉक होना चाहिए था, लेकिन भौतिक सत्यापन के दौरान चावल का स्टॉक पूरी तरह शून्य पाया गया।

गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं: प्रशासन

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली सीधे गरीब और जरूरतमंद लाभुकों की खाद्य सुरक्षा से जुड़ी है। राशन वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिले में पीडीएस दुकानों के स्टॉक और वितरण की नियमित जांच जारी रखने तथा गड़बड़ी मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है। अब गिरफ्तारी के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि 15,142 किलो चावल के शून्य हो जाने की पूरी कड़ी जांच में कहां तक पहुंचती है और इसकी जिम्मेदारी किस-किस स्तर तक तय होती है।