सरायकेला। गांव में कोई बुजुर्ग दर्द से कराह रहा हो, किसी का ब्लड प्रेशर बढ़ा हो या शुगर की चिंता सता रही हो तो सवाल सिर्फ बीमारी का नहीं, इलाज तक पहुंच का भी होता है। इसी सवाल के बीच बुधवार, 16 सितंबर को सरायकेला-खरसावां के अलग-अलग ग्रामीण इलाकों में लगाए गए आयुष स्वास्थ्य शिविरों ने स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के करीब पहुंचाया।

चामरुडीह में बुजुर्गों की सेहत की जांच

खरसावां प्रखंड के चामरुडीह में आयोजित वयोवृद्ध आयुष स्वास्थ्य शिविर में 87 मरीज पहुंचे। यहां ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की जांच की गई। मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार आयुष चिकित्सा एवं आवश्यक औषधियां उपलब्ध कराई गईं। शिविर में लोगों को योग के विभिन्न अभ्यास कराकर नियमित योग और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक किया गया।

गोरंकोचा में 54 मरीजों का होम्योपैथी से उपचार

ईचागढ़ प्रखंड के गोरंकोचा गांव में आयोजित आयुष ग्राम हेल्थ कैंप में 54 मरीजों की जांच की गई। विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से संबंधित मरीजों को होम्योपैथी पद्धति से उपचार और आवश्यक चिकित्सा परामर्श दिया गया।

सुरसी में हड्डी-जोड़ के मरीजों पर फोकस

आयुष आरोग्य मंदिर, सुरसी में मस्क्युलोस्केलेटल एवं ऑस्टियोआर्थराइटिस स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। यहां 98 मरीजों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। जरूरत के अनुसार आयुष पद्धति की दवाएं दी गईं तथा नियमित स्वास्थ्य देखभाल, योग और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व की जानकारी भी दी गई।

तीनों शिविरों में 239 मरीजों की जांच और उपचार हुआ। एक दिन का शिविर राहत दे सकता है, लेकिन ग्रामीण स्वास्थ्य की असली तस्वीर तब बदलेगी जब ऐसी सेवाएं लगातार और नियमित रूप से गांव की चौखट तक पहुंचें।