जमशेदपुर। संवाददाता
गांजा तस्करी के खिलाफ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए टाटानगर रेल थाना (जीआरपी) के हवाले कर दिया गया है। जीआरपी की ओर से अब मामले में आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करते हुए दोनों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ का मुख्य उद्देश्य केवल बरामद गांजे और आरोपियों की भूमिका तक सीमित नहीं है, बल्कि तस्करी के पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाना भी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों के संपर्क में कौन-कौन लोग हैं, गांजा कहां से लाया जाता था और इसे किन स्थानों तक पहुंचाया जाना था।
संयुक्त कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को टाटानगर रेल थाना (जीआरपी) के हवाले किया गया। जीआरपी द्वारा आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई पूरी की जा रही है। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर गांजा तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है।
पुलिस का मानना है कि पूछताछ के दौरान तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े कुछ अन्य महत्वपूर्ण नाम सामने आ सकते हैं। इसके आधार पर आगे भी कार्रवाई की संभावना है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।
नशे के कारोबार पर शिकंजा, नेटवर्क तक पहुंचना बड़ी चुनौती
गौरतलब है कि गांजा जैसे मादक पदार्थों की तस्करी का असर केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रहता। इसका सीधा असर युवाओं और समाज के भविष्य पर पड़ता है। ऐसे में केवल छोटे स्तर पर तस्करी करने वालों की गिरफ्तारी के बजाय इस पूरे कारोबार के स्रोत, सप्लायर और नेटवर्क तक पहुंचना जरूरी है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब निगाहें जीआरपी की पूछताछ और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि पूछताछ में नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान होती है और उनके खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ती है, तो यह नशे के कारोबार पर लगाम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।





