जर्जर सड़क को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश
चांडिल प्रखंड के गांगुडीह गांव की मुख्य सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। वर्षों से जर्जर पड़ी सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। बरसात के दिनों में इन गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क की स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क गांगुडीह को चांडिल से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क है, लेकिन लंबे समय से इसकी मरम्मत नहीं होने के कारण लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सावित्री सरदार और कृष्णा कालिंदी के नेतृत्व में बैठक
शनिवार को सामाजिक कार्यकर्ता सावित्री सरदार और कृष्णा कालिंदी के नेतृत्व में ग्रामीणों की बैठक हुई। बैठक में सड़क की जर्जर स्थिति पर चर्चा करते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सड़क निर्माण की मांग की और स्पष्ट चेतावनी दी कि दुर्गा पूजा से पहले निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो प्रखंड कार्यालय का घेराव और सड़क जाम कर आंदोलन किया जाएगा।
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क की बदहाली का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों, मरीजों, बुजुर्गों और किसानों पर पड़ रहा है। खराब सड़क के कारण आवागमन मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि कई बार बाइक सवार गड्ढों के कारण गिरकर घायल हो चुके हैं।
"अब तक केवल आश्वासन मिला"
सामाजिक कार्यकर्ता सावित्री सरदार ने कहा कि सड़क निर्माण और मरम्मत को लेकर मुखिया से लेकर बीडीओ तक कई बार आवेदन दिया जा चुका है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। उन्होंने कहा कि यदि दुर्गा पूजा से पहले सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं हुआ, तो ग्रामीण प्रखंड कार्यालय का घेराव करने और सड़क जाम करने के लिए मजबूर होंगे।
वहीं कृष्णा कालिंदी ने कहा कि यह सड़क सैकड़ों ग्रामीणों के लिए लाइफलाइन है। सड़क की खराब स्थिति के कारण गांव के विकास और लोगों के आवागमन पर सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेकर सड़क निर्माण शुरू कराने की मांग की।
आंदोलन के लिए एकजुट ग्रामीण
बैठक में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर एकजुटता जताई और जरूरत पड़ने पर आंदोलन में शामिल होने की बात कही।
अब सवाल यह है कि वर्षों से जर्जर इस सड़क की हालत कब बदलेगी? ग्रामीणों का कहना है कि इस बार सिर्फ आश्वासन नहीं चलेगा—दुर्गा पूजा से पहले सड़क निर्माण का काम जमीन पर दिखना चाहिए।





