सरायकेला। सरकारी दफ्तर जनता की समस्याएं सुनने और उनके आवेदन स्वीकार करने के लिए हैं या फिर जनता के हाथों से आवेदन छीनकर फाड़ने के लिए? SIR आवेदन फाड़े जाने के आरोप ने नीमडीह और कुकड़ू में प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के ईचागढ़ विधानसभा प्रत्याशी तरुण महतो ने इस मुद्दे को लेकर अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
"आवेदन फाड़ा गया, अभद्र व्यवहार हुआ"
तरुण महतो के मुताबिक, 25 अगस्त 2026 को ग्राम तिल्ला निवासी सेविका अंजनी दास SIR से संबंधित आवेदन लेकर नीमडीह अंचल कार्यालय पहुंची थीं। आरोप है कि कार्यालय में उनका आवेदन फाड़ दिया गया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। इस मामले को लेकर 1 सितंबर को उपायुक्त कार्यालय में लिखित शिकायत भी दी गई थी। JLKM का आरोप है कि 12 सितंबर को कुकड़ू प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय में भी आम लोगों की मौजूदगी में SIR आवेदन फाड़े जाने की घटना सामने आई और इसका वीडियो भी मौजूद है।
"वीडियो सामने है तो जांच से परहेज क्यों?"
तरुण महतो ने प्रशासन से सवाल किया कि यदि घटना का वीडियो उपलब्ध है तो उसकी जांच कर सच्चाई सामने लाने में देरी क्यों? JLKM ने दोनों घटनाओं की उच्चस्तरीय जांच, वीडियो साक्ष्यों की जांच, दोषी पाए जाने वाले अधिकारी-कर्मियों पर कार्रवाई तथा SIR आवेदन नियमानुसार स्वीकार करने की मांग की है।
22 सितंबर तक इंतजार, फिर सड़क पर आंदोलन
तरुण महतो ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि 22 सितंबर तक यदि मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 2 अक्टूबर गांधी जयंती के बाद चांडिल अनुमंडल कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना दिया जाएगा। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर 10 अक्टूबर से आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मो. जाबांज अंसारी, मो. आलम अंसारी, गौतम महतो, अशोक कुमार महतो, नाडु महतो, मो. इमरान, मो. इसूव अंसारी, संजय महतो, सिम्नत महतो, भोलानाथ महतो समेत अन्य लोग मौजूद थे।





