सरायकेला। रात का सन्नाटा… घर में सब सो रहे थे… और एक सात साल की मासूम बच्ची अपनी मच्छरदानी के भीतर बेखबर नींद में थी। किसी को क्या पता था कि उसी पल मौत दबे पांव पलंग तक पहुंच चुकी है। सरायकेला थाना क्षेत्र के ट्रेडिंगटीपा गांव में रविवार की रात ऐसा ही दर्दनाक हादसा हुआ। पलंग पर सो रही 7 वर्षीय पूर्वी महतो को करैत सांप ने डंस लिया।

रातभर परिवार को नहीं चली भनक

करैत के डंसने का पता रात में परिवार को नहीं चल सका। सुबह होते-होते मासूम की हालत बिगड़ गई और अस्पताल पहुंचने के बाद भी उसकी जिंदगी नहीं बचाई जा सकी। मृतका गणेश महतो की पुत्री थी। परिजनों के अनुसार, पूर्वी रात में मच्छरदानी लगाकर पलंग पर सो रही थी। इसी दौरान करैत सांप पलंग पर चढ़ गया और बच्ची को डंस लिया। सर्पदंश के तत्काल स्पष्ट लक्षण नजर नहीं आने के कारण परिवार को घटना की जानकारी नहीं हो सकी। सोमवार सुबह करीब 5 बजे पूर्वी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। घबराए परिजन उसे तत्काल सरायकेला सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों के इलाज के बावजूद मासूम की जान नहीं बच सकी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

करैत का जहर… और मौत की खामोश आहट

करैत को अक्सर "साइलेंट किलर" कहा जाता है। इसके डंसने के बाद कई बार शुरुआत में तेज दर्द या सूजन जैसे स्पष्ट संकेत नहीं मिलते। यही खामोशी सबसे बड़ा खतरा बन जाती है। पीड़ित को लगता है कि शायद कुछ हुआ ही नहीं, जबकि जहर शरीर के भीतर अपना असर शुरू कर चुका होता है।

सर्पदंश में सही उपचार की जागरूकता जरूरी

सांप के काटने की आशंका हो तो झाड़-फूंक, ओझा-गुनी या घरेलू नुस्खों में समय गंवाने के बजाय मरीज को तत्काल अस्पताल पहुंचाना चाहिए। मरीज को शांत रखें और बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई खतरनाक घरेलू उपचार न करें। बरसात और उमस के मौसम में घर के आसपास झाड़ी, कचरा और लकड़ी के ढेर न जमा होने दें। रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का इस्तेमाल करें और सोने से पहले बिस्तर व आसपास की जगह को सावधानी से देख लें।

जमीनी आवाज की अपील: अंधविश्वास नहीं—जागरूकता पर भरोसा करें। सर्पदंश में समय न गंवाएं, तुरंत चिकित्सकीय मदद लें। यह एक संवेदनशील विषय है; यदि आप या आपके परिचित मानसिक रूप से प्रभावित महसूस कर रहे हों तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।