घाटशिला, 21 अगस्त 2026। असित भट्टाचार्य

घाटशिला थाना पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1.81 किलोग्राम गांजा और 11.73 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद किया है। इसके अलावा एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, Hyundai i10 कार और सात मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, 20 अगस्त को सूचना मिली थी कि घाटशिला थाना क्षेत्र के राजस्टेट स्थित पुराने अनुमंडल कार्यालय यानी राजबाड़ी के खंडहर भवन के एक कमरे में कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से गांजा और ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री की जा रही है। सूचना के आधार पर वरीय पुलिस अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन में छापामारी दल का गठन किया गया।

पुलिस निरीक्षक सह घाटशिला थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार मुंडा के नेतृत्व में टीम ने राजबाड़ी के खंडहर भवन में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। तलाशी में 1.81 किलो गांजा, 11.73 ग्राम ब्राउन शुगर, एक काले रंग की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, Hyundai i10 कार और सात मोबाइल फोन बरामद किए गए।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिनेश सिंह (22), निवासी राजस्टेट घाटशिला; तुषार सीट (22), निवासी धोबीपाड़ा घाटशिला; तथा लखन चंद्र सोरेन उर्फ लक्की उर्फ मामा (32), निवासी पाथरगोड़ा, मुसाबनी के रूप में हुई है।

इस मामले में घाटशिला थाना में कांड संख्या 48/26, दिनांक 21 अगस्त 2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने NDPS Act की संबंधित धाराओं के साथ BNS की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद मादक पदार्थ कहां से लाया गया था और इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

नशा, बाइक और सड़क हादसे—समाज को एक साथ सोचना होगा

घाटशिला में नशे के खिलाफ यह कार्रवाई केवल तीन लोगों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं होनी चाहिए। इसके पीछे छिपे उस बड़े सामाजिक सवाल पर भी ध्यान देना जरूरी है, जो आज युवाओं और उनके परिवारों के सामने खड़ा है।

आज आए दिन सड़कों पर बाइक दुर्घटनाओं की खबरें सामने आती हैं। तेज रफ्तार, लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी सड़क हादसों के बड़े कारणों में शामिल हैं। ऐसे माहौल में यदि युवाओं तक नशीले पदार्थ आसानी से पहुंचते हैं तो यह चिंता और गंभीर हो जाती है। नशा व्यक्ति की सोच, निर्णय लेने की क्षमता और व्यवहार को प्रभावित कर सकता है। इसलिए नशे का कारोबार केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि परिवार, युवा पीढ़ी और पूरे समाज की सुरक्षा का सवाल है।

पुलिस द्वारा इस मामले में एक मोटरसाइकिल की जब्ती भी सामने आई है। हालांकि पुलिस जांच पूरी होने से पहले यह कहना उचित नहीं होगा कि उक्त वाहन का इस्तेमाल मादक पदार्थों की तस्करी में ही किया जा रहा था, लेकिन यह जरूर सवाल है कि क्या नशे के कारोबार में दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल आसान परिवहन के माध्यम के रूप में किया जा रहा है? इस पहलू की जांच भी नेटवर्क तक पहुंचने में महत्वपूर्ण हो सकती है।

बाइक युवाओं की आजादी का साधन है, अपराध का माध्यम नहीं

घाटशिला सहित पूरे क्षेत्र में बड़ी संख्या में युवा बाइक चलाते हैं। बाइक उनके लिए शिक्षा, रोजगार और रोजमर्रा की जिंदगी का जरूरी साधन है। लेकिन यही बाइक यदि नशे के कारोबार या किसी अन्य गैरकानूनी गतिविधि के लिए इस्तेमाल होने लगे तो इसका नुकसान केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे समाज को हो सकता है।

जमीनी आवाज का मानना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई सिर्फ पुलिस की जिम्मेदारी नहीं हो सकती। माता-पिता को अपने बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान देना होगा, स्कूल-कॉलेजों को जागरूकता बढ़ानी होगी और समाज को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस तक पहुंचानी होगी। वहीं पुलिस को भी नशे के छोटे विक्रेताओं तक सीमित रहने के बजाय इस कारोबार के स्रोत और पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश करनी होगी।

घाटशिला की जनता उम्मीद करती है कि राजेंद्र कुमार मुंडा के नेतृत्व में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहे और ब्राउन शुगर जैसे घातक नशे के कारोबार को जड़ से कमजोर किया जाए। पुलिस और जनता के बीच सहयोग जितना मजबूत होगा, नशे के खिलाफ लड़ाई उतनी ही प्रभावी होगी।

क्योंकि एक गिरफ्तारी अपराधी को रोक सकती है, लेकिन एक जागरूक समाज पूरी पीढ़ी को नशे से बचा सकता है।

छापामारी दल में थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार मुंडा के अलावा पुलिस पदाधिकारी रजनीश आनंद, आलोक कुमार, घाटशिला थाना रिजर्व गार्ड के पुलिसकर्मी तथा अन्य जवान शामिल थे।