घाटशिला। जमीनी आवाज के संपादक के साथ रिंकू सिंह की बातचीत
हर व्यवसाय के पीछे कमाई की एक सोच होती है, लेकिन कभी-कभी किसी नई शुरुआत के पीछे एक इंसान का मन और आत्मा भी बोल रही होती है। घाटशिला में सिंह होटल की शुरुआत के साथ ऐसा ही एक संकल्प सामने आया है—“मेरे घाटशिला में कोई भूखा न सोए।”
सिंह होटल के प्रोपराइटर विक्रम कुमार सिंह उर्फ रिंकू सिंह के लिए यह केवल होटल या कारोबार की शुरुआत नहीं है। उनके मन में लंबे समय से एक ऐसी इच्छा रही है, जो अब धीरे-धीरे एक सामाजिक अभियान का रूप लेने की कोशिश कर रही है।
फुलौरी घाटशिला नंबर-18 के सामने शुरू हुए सिंह होटल एंड फैमिली रेस्टोरेंट का उद्घाटन विधायक सोमेश चन्द्र सोरेन ने किया। होटल में स्वच्छ, शुद्ध और स्वादिष्ट भोजन के साथ अपनापन भरी सेवा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
लेकिन सिंह होटल की पहचान केवल भोजन और व्यवसाय तक सीमित रखने की रिंकू सिंह की मंशा नहीं है। उनके मन और आत्मा की सबसे बड़ी पुकार है कि घाटशिला में कोई भी व्यक्ति केवल आर्थिक मजबूरी के कारण भूखा पेट सोने के लिए मजबूर न हो।
रिंकू सिंह का कहना है कि उनकी क्षमता और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार सिंह होटल का प्रयास रहेगा कि असहाय, जरूरतमंद और भोजन खरीदने में असमर्थ लोगों को भी यथासंभव निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जा सके।
उनका मानना है कि व्यवसाय केवल कमाई का माध्यम नहीं होना चाहिए। यदि समाज ने किसी व्यक्ति को आगे बढ़ने का अवसर, सम्मान और विश्वास दिया है तो उस व्यक्ति की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह अपनी क्षमता के अनुसार समाज के लिए कुछ करे। इसी सोच से सिंह होटल के साथ “कोई भूखा न सोए” की भावना को जोड़ा गया है।
यह कोई बड़ा दावा नहीं, बल्कि एक दिल से निकला संकल्प है—जितनी क्षमता होगी, उतना प्रयास किया जाएगा; जितने संसाधन होंगे, उतनी मदद पहुंचाने की कोशिश होगी।
रिंकू सिंह घाटशिला की जनता से कहते हैं कि वे एक बार उन पर विश्वास करें। उनका सहयोग, सुझाव और विश्वास ही इस प्रयास को आगे बढ़ाने की ताकत देगा। उनका मानना है कि यदि जनता का साथ मिला तो आज होटल से शुरू हुई यह छोटी-सी पहल कल घाटशिला में जरूरतमंदों की सहायता के लिए एक मजबूत सामाजिक अभियान का रूप ले सकती है।
सवाल सिर्फ एक होटल का नहीं है, सवाल उस सोच का है—क्या हम अपने आसपास किसी को भूखा देखकर भी आगे बढ़ जाएंगे, या उसकी खाली थाली भरने के लिए अपनी क्षमता के अनुसार एक कदम उठाएंगे? सिंह होटल की शुरुआत इसी सवाल के साथ हुई है।
एक तरफ स्वच्छ, शुद्ध और स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था… और दूसरी तरफ जरूरतमंदों के लिए यथासंभव मदद का संकल्प।
रिंकू सिंह का संदेश है—“आपकी सेवा हमारा प्रयास, आपका साथ हमारी ताकत और आपका विश्वास हमारी सबसे बड़ी पूंजी है।” और इसी विश्वास के साथ सिंह होटल से उठी है एक आवाज—“कोई भूखा न सोए।”
शायद यही एक होटल से कहीं बड़ी उस इंसान के मन और आत्मा की सच्ची पुकार है।





