मुसाबनी... आलोक अकेला की रिपोर्ट

5 सितंबर को जब पूरा देश शिक्षक दिवस के अवसर पर अपने गुरुजनों के सम्मान में जुटा था, वहीं मुसाबनी माइंस इंटर कॉलेज का परिसर आंदोलन के कारण शांत रहा। वित्तविहीन संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर कॉलेज के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना दिया।

धरने के कारण महाविद्यालय में शिक्षक दिवस का कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं हो सका। सुबह हाथों में फूल और ग्रीटिंग कार्ड लेकर अपने शिक्षकों को सम्मानित करने पहुंचे छात्र-छात्राओं को कॉलेज परिसर में आंदोलन और सन्नाटा देखने को मिला।

75 प्रतिशत अनुदान वृद्धि सहित कई मांगें

वित्तविहीन संयुक्त संघर्ष मोर्चा की ओर से 75 प्रतिशत अनुदान वृद्धि का संलेख कैबिनेट में रखने, शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों के लिए वेतनमान एवं सेवा शर्त नियमावली लागू करने की मांग रखी गई। इसके अलावा बिहार से स्थापना अनुमति प्राप्त 158 विद्यालयों को प्रस्वीकृति के लिए तीन वर्ष का समय देने तथा सावित्रीबाई फुले बालिका समृद्धि योजना का पोर्टल खोलने की मांग भी की गई।

शिक्षकों का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं। अब सवाल यह है कि शिक्षकों की मांगों का समाधान कब होगा और कब शिक्षक दिवस के दिन शिक्षक आंदोलन के बजाय विद्यार्थियों के बीच सम्मान के साथ मौजूद होंगे?