घाटशिला, जमीनी आवास संवाददाता असित भट्टाचार्य की रिपोर्ट

ईमेल में यूनियन, एचसीएल प्रबंधन और कई अधिकारियों के नामों का उल्लेख; बंद पड़ी एचसीएल को चालू कराने और कथित अनियमितताओं के खिलाफ बड़े जनआंदोलन की भी चर्चा।

जमीनी आवाज के पास एक महत्वपूर्ण ईमेल की प्रति प्राप्त हुई है, जिसमें हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) के इंडियन कॉपर कॉम्प्लेक्स (आईसीसी), मऊभंडार, पूर्वी सिंहभूम में कार्यरत इंडियन कॉपर कॉम्प्लेक्स वर्कर्स यूनियन (AITUC), पंजीकरण संख्या-989 के संचालन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि यह यूनियन पिछले लगभग 25 वर्षों से बिना लोकतांत्रिक चुनाव के संचालित हो रही है, जो ट्रेड यूनियन अधिनियम, 1926 के प्रावधानों के विपरीत है। शिकायतकर्ता ने यूनियन को अवैध घोषित कर उसका पंजीकरण तत्काल निरस्त करने की मांग की है।

शिकायत ईमेल प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों तथा सीबीआई सहित विभिन्न सक्षम प्राधिकारों को भेजे जाने का दावा किया गया है। इसकी प्रतिलिपि डॉ. प्रदीप कुमार बालमुच (स्टेट प्रेसिडेंट, INTUC), विधायक राकेश सर पांडे, विधायक सुमेश चंद्र सोरेन तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भी भेजे जाने की बात कही गई है।

ईमेल में जिन व्यक्तियों एवं अधिकारियों का उल्लेख किया गया है, उनमें अर्जुन लोहार, सकेत मिश्रा, आईसीसीडब्ल्यूयू के महामंत्री ओमप्रकाश सिंह, कॉर्पोरेट कार्यालय के DOP, ED-HO, ED-ICC, ICC-GM, श्यामसुंदर सेठी, अनिल कुमार गुप्ता, हर सिमरन सिंह, मेजर्स आर अर्थ रिसोर्सेस प्राइवेट लिमिटेड, अभिनव कुमार, रूबी चौधरी, जिग्नेश प्रसाद मिश्रा, अनूप कुमार मिश्रा, संजीव कुमार सिंह, अमरिंदर कुमार, सत्येंद्र कुमार, पूजा चतुर्वेदी, दीपक श्रीवास्तव, जेपी मिश्रा, एन. चौधरी, रॉबिन मंडल, अभिषेक श्रीवास्तव, घनश्याम दास गुप्ता, संजीत कुमार सिन्हा तथा संजय शिवदर्शी सहित कई नाम शामिल हैं। हालांकि, इन सभी नामों का उल्लेख शिकायत/ईमेल में किए गए आरोपों के संदर्भ में है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित व्यक्तियों का पक्ष अभी प्राप्त नहीं हो सका है।

कॉपर क्षेत्र के लोगों का कहना है कि लंबे समय से बंद पड़े हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के कारण क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हैं और आम जनता कठिनाइयों का सामना कर रही है। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि कंपनी को शीघ्र चालू कराने तथा कथित भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और गैर-जिम्मेदाराना कार्यशैली के खिलाफ एक बड़े जनआंदोलन की तैयारी की जा रही है।

'जमीनी आवाज' स्पष्ट करता है कि उसके पास शिकायत ईमेल की प्रति उपलब्ध है। लोकहित को ध्यान में रखते हुए इस ईमेल में किए गए प्रत्येक प्रमुख दावे, दस्तावेज़ और तथ्यों की क्रमवार पड़ताल की जाएगी। साथ ही जिन व्यक्तियों, यूनियन प्रतिनिधियों और प्रबंधन अधिकारियों के नाम इस शिकायत में हैं, उनका पक्ष भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा, ताकि पाठकों के सामने तथ्यात्मक और संतुलित तस्वीर प्रस्तुत की जा सके।