मुसाबनी। लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं और हालिया हादसे में कुणाल नामक युवक की मौत के बाद क्षेत्र में आक्रोश गहराता जा रहा है। सड़क सुरक्षा को लेकर लोगों का गुस्सा रविवार को सड़क पर दिखाई दिया, जब कांग्रेस के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं मजदूर नेता शमशेर खान के साथ सैकड़ों लोग मुसाबनी थाना पहुंचे और लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर तत्काल अंकुश लगाने की मांग को लेकर थाना प्रभारी को लिखित आवेदन सौंपा।
लापरवाही और नशे को बताया मुख्य वजह
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सड़क हादसे अब महज दुर्घटना नहीं रह गए हैं, बल्कि लापरवाही, नशे में वाहन चलाने, तेज रफ्तार और नाबालिगों के हाथों में बाइक पहुंचने का गंभीर परिणाम बनते जा रहे हैं। कुणाल की मौत ने एक बार फिर व्यवस्था और प्रशासन के सामने सड़क सुरक्षा को लेकर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
शमशेर खान ने कहा कि एक परिवार का चिराग बुझने के बाद केवल संवेदना व्यक्त कर देने से जिम्मेदारी पूरी नहीं होती। सड़क पर नियमों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो दुर्घटनाओं का यह सिलसिला और कितने परिवारों को उजाड़ेगा, यह बड़ा सवाल है।
नशे में ड्राइविंग पर सख्त कार्रवाई की मांग
थाना प्रभारी को सौंपे गए आवेदन में प्रशासन से नियमित चेकिंग अभियान और यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने की मांग की गई। खासतौर पर ड्रग्स और शराब का सेवन कर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठाई गई। लोगों ने कहा कि सड़क पर नशे में वाहन चलाने वाला सिर्फ अपनी जिंदगी को खतरे में नहीं डालता, बल्कि सामने से गुजर रहे निर्दोष लोगों की जिंदगी भी दांव पर लगा देता है।
नाबालिगों के हाथ में बाइक पर रोक की मांग
आवेदन में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के मोटरसाइकिल चलाने पर रोक लगाने की भी मांग की गई। लोगों का कहना था कि कई जगह नाबालिग तेज रफ्तार में बाइक चलाते नजर आते हैं, लेकिन कार्रवाई के अभाव में यह समस्या लगातार बढ़ रही है। इसके साथ ही स्कूलों में चलने वाले वाहनों के लिए भी स्पष्ट मानदंड और सुरक्षा नियम तय करने की मांग की गई है, ताकि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता न हो।
सवाल सिर्फ कुणाल का नहीं, अगला शिकार कौन?
कुणाल की मौत ने क्षेत्र के लोगों को झकझोर दिया है। अब सवाल यह है कि सड़क दुर्घटनाओं के बाद सिर्फ मातम मनाया जाएगा या उन कारणों पर भी कार्रवाई होगी, जिनकी वजह से हादसे लगातार हो रहे हैं। थाना पहुंचे लोगों ने प्रशासन से आवेदन में उठाए गए सभी बिंदुओं पर सकारात्मक और त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी से न गुजरना पड़े। लोगों का स्पष्ट संदेश था—सड़क सुरक्षा अब कागजों और आश्वासनों का विषय नहीं, बल्कि जिंदगी बचाने की लड़ाई है।





