फर्जी हस्ताक्षर से शिकायतकर्ता को बदनाम करने से लेकर जमीन, आवास, ठेका, खरीद और प्लांट संचालन में कथित अनियमितताओं तक—मेल में दर्ज हैं गंभीर आरोप

साकेत कुमार सिन्हा को ‘चिड़ीमार’ कहे जाने के पीछे क्या है राज? नौकरी, नियुक्ति और कथित चोरी प्रकरण से जुड़े सवालों ने बढ़ाई जांच की जरूरत

 घाटशिला जमीनी आवाज से असित भट्टाचार्य की रिपोर्ट...

Ref-Estt/transfer/2026-27dt.20.06.2026 पत्रांक में निर्धारित कार्य ग्रहण तिथि 29 6 2026 के अनुसार,,, पीएमओ को भेजे गए मेल में आईसीसी इकाई के प्रमुख अर्जुन लोहार को दलाल एवं Saket Sinha को चिड़िमार (नोट :यह पर्यायवाची शब्द है मेल में कुछ गंदा शब्द लिखा गया है जिसे प्रकाशित नहीं किया जा सकता इसलिए चिड़ीमार शब्द का प्रयोग)., की संज्ञा दी गई है... इनके माध्यम से प्रधान कार्यालय के जरिए भारत सरकार एवं सक्षम प्राधिकारी को एक मिथ्या संकुचित तथा भ्रामक रिपोर्ट प्रेषित की जा रही है.. मेल में या स्पष्ट है कि इनका मुख्य उद्देश्य मूल विषय से भटकना तथा कठिन भ्रष्टाचार एवं अनैतिक गतिविधियों की निष्पक्ष जांच को बाधित करना है क्योंकि प्रकरण की गहन एवं निष्पक्ष जांच होने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति विधि समस्त दंडात्मक कार्रवाई के दायरे में आ जाएंगे...

मेल में यह बार-बार लिखा जा रहा है कि इस भ्रष्टाचार में मान्यता प्राप्त यूनियन ka पूर्ण सहयोग से kaam को अंजाम दिया जा रहा है, आप यह भी लगाया गया है कि इन सभी भ्रष्ट अधिकारियों ने अन्य लोगों के नाम से फर्जी हस्ताक्षर करवरकर शिकायत करता को अनुपस्थित दिखाते हुए उसे झूठा साबित करने का प्रयास किया गया है लेकिन जिन मुद्दों पर भ्रष्टाचार किया गया उनकी वास्तविक स्थिति आज भी  जैसी थी वैसी  बनी हुई है,.

जैसे 01.01 2017 के स्थान पर 01.11 2026 से अतिरिक्त ग्रेच्युटी को 10 लख रुपए से बढ़कर 20 लख रुपए करना,, जमीन का अवैध आवंटन एवं बिक्री लाइसेंस वाले मकान जैसे A6AB,A50AB,B5AB,ATF-56/4£1,F-23,WBL-06,L-17/2, ATF22/1,A57CD,ATF-65/3 और ATF68/7 के आवंटन में हेरा फेरी है..

मेल में दुकान जैसे AS-2B,AS28,AS-03,AS-05,PMR प्लांट, SAP,NSP और ऑक्सीजन प्लांट का सब लेटिंग, 03 बॉयलर,2 बॉयलर, WATER TREATMENT PLANT OR SUAR SURAKSHA SEVAON MEIN BHRASHTACHAR KI BATEN BHI LIKHI GAI HAI,,

गौरतलाप हॉकी जन्म तिथि में हेरा फेरी वर्ष 2011 से 2026 तक E-0 से E-5 पदों की नियुक्तियों में भ्रष्टाचार, MSB तालाबों के रखरखाव में भ्रष्टाचार,M/S कुमार मंगलम सेतु के रखरखाव में भ्रष्टाचार, 75 सोलर लाइटों की खरीद में भ्रष्टाचार को भी दर्शाया गया है...

इसके अलावा इलेक्ट्रिकल उपकरणों इंस्ट्रूमेंट उपकरणों एवं मीनिंग उपकरणों में भ्रष्टाचार पीसीसी एवं आरसीसी सड़क निर्माण एवं रखरखाव में भ्रष्टाचार, टाउनशिप रखरखाव में भ्रष्टाचार, PMR प्लांट में ताला तोड़कर चोरी की भी बातेंदर्ज है,,

मेल में कंपनी पर कोलकाता उच्च न्यायालय के फैसलों के खिलाफ पेनल्टी रेंट 30% प्लस स्टैंडर्ड रेजिडेंशियल रेंट की कटौती की बातें भी लिखी हुई है...

सबसे गौर करने की बात मेजर्स आर अर्थ रिसोर्सेस प्राइवेट लिमिटेड छत्तीसगढ़ के माध्यम से और रंड विभाग की मदद से कंसंट्रेट प्रतिशत में हेरा फेरी की बातें भी दर्ज है...

जानकारी के अनुसार कंपनी के पदाधिकारी और कर्मचारी आरटीआई के अंतर्गत मांगी गई जानकारी को भी प्रेषित नहीं करते हैं...

जमीनी आवाज के पास एक प्रश्न विचारणीय है कि 2019 से युक्त कारखाना बंद क्यों पड़ाहै?? किन भ्रष्ट तत्वों द्वारा किसके नाम से फर्जी एवं वास्तविक हस्ताक्षरों का अनाधिकृत प्रयोग किया जा रहा है...

गौर तलब हॉकी जिस व्यक्ति ने यह मेल भेजा है उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि इसकी सभी भ्रष्टाचारों के प्रमाण उनके पास मौजूद है...

खैर मैं मेल में लिखे गए भ्रष्टाचार और कंपनी की वास्तविक स्थिति को देखते हुए हर कोई यह कह रहा है की दाल पुरी ही काली है और जांच होना जरूरी है...

लेकिन एक सफल काफी अहम है कि मेल भेजने वालों ने साकेत कुमार SINHA को चिड़ीमार की संज्ञा क्यों दी??

कौन है साकेत कुमार SINHA?? पहले कहां रहता था कब हुई नौकरी और कैसे हुई नौकरी??? किसके नौकरी के बदले दी गई यह नौकरी और किस पद पर दी गई थी नौकरी उसे वक्त और वर्तमान में कौन-कौन सा विभाग संभाल रहे हैं साकेत कुमार SINHA...

जांच जारी है लेकिन कंपनी परिसर से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक छोरी के केस में सस्पेंड होने के बाद किस व व्यक्ति की नौकरी के बदले में साकेत कुमार सिंह को यह नौकरी दी गई थी..

क्या कानूनी तौर पर चोरी के कैसे चलाते वक्त एक व्यक्ति जो चोरी में संलिपित है उसकी नौकरी क्या किसी को दी जा सकती है?? यह सब एक जांच का विषय है और जांच किया भी जाएगा लेकिन इसी खबर के बीच एक और चर्चा शिवपूजन अवार्ड में किए गए भ्रष्टाचार की भी आई है...

क्या है शिवपूजन अवार्ड देखें सिर्फ जमीनी आवाज पर...