मुसाबनी।
घाटशिला–अमायनगर सड़क हादसे की वह दर्दनाक कड़ी, जिसने कई परिवारों को भीतर तक हिला दिया, अब कुमीरमुडी गांव के सन्नाटे में सुनाई दे रही है। हादसे में गंभीर रूप से घायल श्रेया सिन्हा की इलाज के दौरान मौत की खबर से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। शुक्रवार को माझी बाबा कारिया हांसदा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने शोकसभा आयोजित कर दिवंगत श्रेया सिन्हा को श्रद्धांजलि दी।

शोकसभा में मौजूद लोगों की आंखों में श्रेया के जाने का दर्द था, तो दिल में लगातार हो रहे सड़क हादसों का डर भी। ग्रामीणों ने श्रेया की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए उनके माता-पिता के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही 3 सितंबर को सूरदा में हुए सड़क हादसे में घायल सभी लोगों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की गई।
यह सिर्फ एक परिवार का दुख नहीं, पूरे इलाके का दर्द है
एक के बाद एक सड़क हादसों ने क्षेत्र के लोगों को झकझोर दिया है। कोई अपने बच्चे को खो रहा है, कोई अपना परिवार, तो कोई अस्पताल के बाहर अपनों की जिंदगी की आस लगाए बैठा है।
कुमीरमुडी की शोकसभा इसी सामूहिक पीड़ा की आवाज बनी।
ग्रामीणों ने कहा कि नशे में वाहन चलाने और तेज रफ्तार जैसी लापरवाहियों के कारण निर्दोष लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ रही है। प्रशासन को केवल हादसे के बाद सक्रिय होने के बजाय हादसे से पहले सड़कों पर सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।
नियमित वाहन जांच, नशे में वाहन चलाने वालों पर कठोर कार्रवाई और दुर्घटना संभावित स्थानों को चिन्हित कर सुरक्षा व्यवस्था करना अब जरूरी हो गया है।
रामदेव हेंब्रम बोले—सड़क सुरक्षा पर अब गंभीर पहल जरूरी
मुसाबनी प्रमुख रामदेव हेंब्रम ने कहा कि सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि आम लोगों की भी है। नशे में वाहन चलाना चालक के साथ-साथ सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति के लिए जानलेवा है।
उन्होंने प्रशासन से दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
शोकसभा में आजसू नेता कान्हु सामंत, सुईलेन मार्डी, कृष्णा मार्डी, सुनील मार्डी, हरिपोदो मुर्मू, श्रीकांत मंडल, सुभाष हेंब्रम, पालू सोरेन, चंद्रकांत सोरेन, दुर्गा चरण मार्डी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण मौजूद रहे।
जमीनी आवाज के सहयोगियों की भगवान से प्रार्थना
आज जमीनी आवाज के सहयोगी भी इस दर्दनाक हादसे की कड़ी से खुद को अलग नहीं कर पा रहे हैं। हर तरफ शोक है, मन मर्माहत है और लगातार हो रहे हादसों ने लोगों को भयभीत कर दिया है।
हमारी प्रार्थना है—
हे भगवान, दिवंगत श्रेया सिन्हा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। उनके परिवार को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति दें।
और हे प्रभु, जो लोग इन हादसों में घायल होकर जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं, उन्हें जीवनदान दें। उनके माता-पिता, भाई-बहन और परिवारों की उम्मीदों को टूटने न दें।
हमारी यह भी प्रार्थना है कि घाटशिला–मुसाबनी और पूरे क्षेत्र को सड़क हादसों की इस विपदा से बचाएं। किसी मां की गोद सूनी न हो, किसी पिता के कंधे पर अपने बच्चे की अर्थी न आए और किसी परिवार का चिराग सड़क पर लापरवाही की भेंट न चढ़े।
श्रेया, तुम्हें भावभीनी श्रद्धांजलि।
ईश्वर तुम्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें।
और जो जिंदगी बचाई जा सकती है—उसे बचाने की शक्ति और समझ सबको।





