नशे की बढ़ती लत, साइबर अपराध और तेज रफ्तार से बढ़ रहे सड़क हादसों पर जागरूकता जरूरी

JOHAR मुहिम समेत डायल 112, डायन-बिसाही और अंधविश्वास से बचाव की दी महत्वपूर्ण जानकारी

मउभंडार। असित भट्टाचार्य

बदलते दौर में बच्चों और युवाओं के सामने नशे की बढ़ती लत, साइबर अपराध, तेज रफ्तार वाहन और अंधविश्वास जैसी कई गंभीर चुनौतियां खड़ी हैं। इन चुनौतियों से बचाव के लिए पुलिस की भूमिका केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि समाज और विशेषकर नई पीढ़ी के बीच जागरूकता पैदा करना भी बेहद जरूरी है।

इसी उद्देश्य से मउभंडार ओपी क्षेत्र अंतर्गत संत जोसेफ इंग्लिश हाई स्कूल, मउभंडार में सामुदायिक पुलिसिंग के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों को समाज और उनके दैनिक जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई।

पुलिस की ओर से बच्चों को नशा मुक्ति, साइबर सुरक्षा, डायन-बिसाही जैसी कुप्रथाओं एवं अंधविश्वास, डायल 112 और सड़क सुरक्षा के संबंध में विस्तार से जागरूक किया गया। बच्चों को समझाया गया कि नशे की शुरुआत अक्सर छोटी उम्र में ही होती है, लेकिन आगे चलकर यही आदत व्यक्ति, परिवार और पूरे समाज के लिए गंभीर समस्या बन सकती है। ऐसे में बच्चों को नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की जरूरत है।

साइबर अपराध से बचने की दी सीख

कार्यक्रम में बढ़ते साइबर अपराध को लेकर भी बच्चों को विशेष जानकारी दी गई। इंटरनेट और मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल के बीच फर्जी लिंक, संदिग्ध कॉल, ऑनलाइन ठगी, पासवर्ड और निजी जानकारी साझा करने जैसे मामलों से सावधान रहने की सलाह दी गई। बच्चों को बताया गया कि साइबर दुनिया में थोड़ी सी लापरवाही भी आर्थिक नुकसान के साथ-साथ व्यक्तिगत जानकारी के दुरुपयोग का कारण बन सकती है।

तेज रफ्तार बनी सड़क हादसों की बड़ी वजह

सड़क सुरक्षा को लेकर भी बच्चों को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। खासकर कम उम्र में बाइक चलाने, तेज रफ्तार, बिना हेलमेट वाहन चलाने और यातायात नियमों की अनदेखी से होने वाले हादसों के प्रति जागरूक किया गया। पुलिस ने बच्चों को सड़क पर स्वयं सुरक्षित रहने और अपने परिवार के सदस्यों को भी यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करने की बात कही।

डायन-बिसाही और अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता

ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में आज भी कहीं-कहीं अंधविश्वास के कारण होने वाली घटनाएं चिंता का विषय हैं। कार्यक्रम में बच्चों को डायन-बिसाही जैसी कुप्रथाओं से दूर रहने और वैज्ञानिक सोच विकसित करने की जानकारी दी गई। किसी व्यक्ति पर अंधविश्वास के आधार पर आरोप लगाने के बजाय कानून का सहारा लेने की अपील की गई।

JOHAR मुहिम की भी दी जानकारी

इस दौरान जमशेदपुर पुलिस की नई पहल JOHAR — Jamshedpur Online Help & Assistance for Residents के संबंध में भी बच्चों को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। पुलिस की इस पहल का उद्देश्य आम लोगों तक सहायता और पुलिस से संबंधित जरूरी सेवाओं की जानकारी को बेहतर तरीके से पहुंचाना है।

कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को यह संदेश दिया गया कि पुलिस और समाज के बीच बेहतर संवाद से अपराध की रोकथाम और सुरक्षित वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है।

आज जब एक ओर नशे का जाल युवाओं को अपनी गिरफ्त में लेने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर साइबर अपराध और सड़क हादसे भी लगातार नई चुनौतियां पेश कर रहे हैं। ऐसे समय में स्कूल स्तर पर इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ी को सुरक्षित बनाने की दिशा में जरूरी कदम हैं।

सामुदायिक पुलिसिंग के इस कार्यक्रम में बच्चों को जागरूक करते हुए पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि सुरक्षित समाज केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पुलिस, स्कूल, परिवार और समाज के सामूहिक प्रयास से ही संभव है।