घाटशिला। असित भट्टाचार्य
किसी पिता के लिए इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या होगा कि जिस बेटे को उसने अपनी आंखों के सामने बड़ा होते देखा, उसी बेटे की अर्थी को कंधा देना पड़े। घाटशिला के लालडीह निवासी रूपेश सिंह के 17 वर्षीय पुत्र एवं केंद्रीय विद्यालय, सुरदा के छात्र सक्षम सिंह राजपूत का असामयिक निधन पूरे क्षेत्र को झकझोर गया है। सड़क दुर्घटना में हुई इस दर्दनाक मौत ने एक बार फिर तेज रफ्तार और युवाओं में बढ़ती बाइक की गति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, 11 अगस्त को लवकेसर के समीप हुई सड़क दुर्घटना में सक्षम गंभीर रूप से घायल हो गया था। हादसे के बाद उसकी मौत हो गई। कम उम्र में एक होनहार छात्र के इस तरह दुनिया से चले जाने की खबर ने परिवार ही नहीं, उसके दोस्तों और पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया।



सक्षम के पिता रूपेश सिंह पुलिस विभाग में कार्यरत हैं। जिस बेटे से परिवार को भविष्य की बड़ी उम्मीदें थीं, वह अचानक हमेशा के लिए दूर चला गया। बेटे को खोने का दर्द क्या होता है, इसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है। सक्षम के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे लोगों और शोकाकुल परिवार को देखकर माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया।
सक्षम के साथ पढ़ने और रहने वाले उसके दोस्तों की मायूसी भी इस त्रासदी की गहराई बयां कर रही थी। जिन साथियों के साथ वह हंसता-बोलता था, आज वही साथी उसे अंतिम विदाई देते हुए गम में डूबे नजर आए। एक दोस्त का चले जाना उनके लिए सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि जिंदगी भर का खालीपन है।
युवाओं से 'जमीनी आवाज' की भावुक अपील
सक्षम की मौत को केवल एक सड़क दुर्घटना मानकर भूल जाना इस घटना से कोई सीख नहीं लेना होगा। आज जरूरत है कि युवा इस दर्दनाक घटना से सबक लें। बाइक चलाना गलत नहीं है, लेकिन रफ्तार को अपनी जिंदगी से बड़ा बना लेना बेहद खतरनाक है।
युवा साथियों से हमारा विनम्र अनुरोध है—मां-बाप की बात मानें, सड़क पर संयम रखें और तेज रफ्तार से बचें। बाइक पर कुछ मिनट की रफ्तार का रोमांच जिंदगी भर के पछतावे में बदल सकता है।
जरा एक पल रुककर सोचिए—अगर आप सड़क पर तेज रफ्तार में निकलते हैं और वापस नहीं लौटते, तो आपके जाने के बाद आपके मां-बाप पर क्या बीतेगी? जिस मां ने आपको जन्म दिया, जिस पिता ने आपकी जिंदगी संवारने के लिए दिन-रात मेहनत की, उनके लिए आपकी मौत का दर्द शायद कभी खत्म नहीं होगा।
सक्षम चला गया। उसके दोस्त मायूस हैं। परिवार टूट गया है। लेकिन उसकी मौत अगर किसी दूसरे युवा की जिंदगी बचा सके, तो शायद इस दर्दनाक घटना से एक बड़ी सीख निकलेगी।
'जमीनी आवाज' का युवाओं से यही आग्रह है—रफ्तार पर नियंत्रण रखें। सड़क पर सावधान रहें। मां-बाप की बात मानें। क्योंकि घर लौटकर आपका इंतजार सिर्फ परिवार नहीं, आपका पूरा भविष्य कर रहा है।





