कहा— कानून के दायरे में हो निष्पक्ष कार्रवाई, किसी नेता की आवाज दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं करेगा समाज
निर्मल महतो और सुनील महतो के संघर्षों का किया उल्लेख, समाज के नेताओं को कमजोर करने की साजिश का लगाया आरोप
जमीनी आवाज से आलोक अकेला की रिपोर्ट
कुड़मी समाज के नेता एवं आंदोलनकारी अमित महतो ने कहा है कि झारखंड के युवा नेता जयराम महतो अथवा समाज के किसी भी महतो नेता के खिलाफ यदि गलत तरीके से या राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित होकर कार्रवाई की जाती है, तो कुड़मी समाज इसका लोकतांत्रिक तरीके से पुरजोर विरोध करेगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर समाज व्यापक लेकिन शांतिपूर्ण और संवैधानिक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
अमित महतो ने कहा कि जयराम महतो झारखंड की राजनीति में तेजी से उभरते हुए युवा नेताओं में शामिल हैं। वे लगातार युवाओं, रोजगार, स्थानीय अधिकार, भाषा-संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठाते रहे हैं। ऐसे में किसी भी राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव के माध्यम से उनकी आवाज को दबाने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि लोकतंत्र में किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई कानून और संविधान के दायरे में निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। यदि जयराम महतो के खिलाफ किसी मामले में कानूनी कार्रवाई आवश्यक है, तो जांच और पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष तथा पारदर्शी होनी चाहिए। लेकिन यदि कार्रवाई राजनीतिक दबाव या दुर्भावना से प्रेरित होकर की जाती है, तो कुड़मी समाज लोकतांत्रिक तरीके से उसके खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेगा।
अमित महतो ने कहा कि कुड़मी समाज के अनेक नेताओं ने झारखंड और समाज के अधिकारों के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया है। उन्होंने निर्मल महतो और पूर्व सांसद सुनील महतो के योगदान एवं संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज आज भी उनके संघर्ष और बलिदान को याद करता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में भी कुड़मी समाज की राजनीतिक और सामाजिक आवाज को कमजोर करने के प्रयास होते रहे हैं। उन्होंने कहा कि "साजिश के तहत एक महतो नेता को कमजोर करने के लिए दूसरे महतो को खड़ा करने की राजनीति की जाती रही है, जिससे समाज के नेतृत्व को विभाजित और कमजोर किया जा सके।" उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार की राजनीति के माध्यम से सामाजिक और राजनीतिक रूप से समाज के हितों पर कुठाराघात किया जाता रहा है।
अमित महतो ने कहा कि यदि जयराम महतो या समाज के किसी भी नेता की आवाज को अनुचित तरीके से दबाने का प्रयास किया गया, तो कुड़मी समाज एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखेगा। उन्होंने सरकार और प्रशासन से अपील की कि किसी भी मामले में कार्रवाई करते समय पूर्ण निष्पक्षता और पारदर्शिता बरती जाए।
उन्होंने कहा कि कुड़मी समाज संविधान, कानून और लोकतांत्रिक व्यवस्था में पूर्ण विश्वास रखता है। किसी भी प्रकार का आंदोलन संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से ही किया जाएगा। साथ ही उन्होंने समाज के लोगों से संयम बनाए रखने और किसी भी परिस्थिति में कानून अपने हाथ में नहीं लेने की अपील की।
अमित महतो ने कहा कि समाज अपने नेताओं के सम्मान, अधिकार और लोकतांत्रिक आवाज की रक्षा के लिए हमेशा एकजुट रहेगा, लेकिन संघर्ष का रास्ता संविधान और लोकतंत्र के दायरे में ही तय किया जाएगा।





