देवेंद्र नाथ महतो का आरोप—युवा पीढ़ी के भविष्य के साथ हुआ खिलवाड़, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की मांग
चतरा-कोडरमा से होते हुए गिरिडीह में जनसभा और पदयात्रा; अभ्यर्थियों व अभिभावकों से आंदोलन से जुड़ने की अपील
गिरिडीह। जमीनी आवाज के सहयोगी की रिपोर्ट
जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच के नेतृत्व में भर्ती व्यवस्था में सुधार और अभ्यर्थियों के हितों को लेकर चल रही 'भर्ती सुधार यात्रा' बुधवार को अपने तीसरे दिन चतरा और कोडरमा होते हुए गिरिडीह पहुंची। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर जन-जागरण कार्यक्रम, पदयात्रा और जनसभाएं आयोजित की गईं।

यात्रा की शुरुआत चतरा जिले के इटखोरी स्थित मां भद्रकाली मंदिर में दर्शन एवं पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद देहर, चौपारण, बटबीघा, उरवां और बरही में जन-जागरण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कोडरमा में सुभाष चौक, झंडा मोड़ और महाराणा प्रताप चौक पर पदयात्रा निकाली गई। इसके बाद गिरिडीह जिले के डोमचांच, घोड़थंभा और गोरीमहुआ में जनसभा एवं जनसंबोधन हुआ।
यात्रा का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य सरकार ने झारखंड की युवा पीढ़ी के साथ धोखा किया है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य और राज्य के मानव संसाधन के सम्मान के लिए भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुधार जरूरी है।
उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य की गारंटी और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
गौरतलब है कि भर्ती सुधार यात्रा की शुरुआत रामगढ़ स्थित दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जन्मस्थली नेमरा से हुई है। यात्रा के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों में पहुंचकर युवाओं और अभ्यर्थियों को भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।
यात्रा गुरुवार को देवघर जिले में प्रवेश करेगी। बुधवार की यात्रा में देवेंद्र नाथ महतो के अलावा मनोज यादव, आकांक्षा कुमारी, कृष्णा यादव, मेघनाथ महतो, चंदन कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र और अभिभावक मौजूद रहे।
नोट: सरकार या संबंधित विभाग की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध होने पर उसे भी रिपोर्ट में शामिल किया जाना संतुलित पत्रकारिता के लिहाज से उचित होगा।





