रातभर मूसलाधार बारिश से मचा हाहाकार, सड़कें बनीं पानी-पानी; डैम से 756.43 क्यूमेक्स पानी छोड़े जाने पर ईचागढ़-जमशेदपुर के निचले इलाकों में बढ़ा बाढ़ का खतरा
सरायकेला। जमशेदपुर ब्यूरो चीफ
सरायकेला-खरसावां जिले में आसमान से बरस रही आफत ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। कल शाम से शुरू हुई मूसलाधार बारिश रातभर कहर बरपाती रही और सोमवार सुबह भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। तेज बारिश और हवाओं के बीच लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है, जबकि कई इलाकों में जलभराव ने स्थिति को और भयावह बना दिया है।
बारिश का सबसे ज्यादा असर टाटा-रांची NH-33 पर दिखाई दे रहा है। हाईवे पर बस, ट्रक, कार और बाइक चालकों के लिए सफर बेहद मुश्किल और जोखिम भरा बन गया है। तेज बारिश के बीच सड़क पर पानी भरने और फिसलन के कारण वाहन चालकों को रफ्तार पर ब्रेक लगाना पड़ रहा है। कई स्थानों पर दृश्यता भी कम होने से दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
इधर, लगातार हो रही बारिश के कारण चांडिल डैम का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए डैम के 13 रेडियल गेट खोल दिए गए हैं। इससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
प्रशासन की ओर से शाम 4 बजे तक जारी अपडेट के अनुसार चांडिल डैम से कुल 756.43 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है।
चांडिल डैम का ताजा अपडेट
जलस्तर: 179.23 मीटर
स्टोरेज: 420.16 MCM
रेडियल गेट डिस्चार्ज: 620.97 क्यूमेक्स
कुल डिस्चार्ज: 756.43 क्यूमेक्स
चांडिल डैम के 13 गेट खुलने और लगातार पानी छोड़े जाने के बाद ईचागढ़, चांडिल और जमशेदपुर के नदी किनारे एवं निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है और किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित स्थानों की ओर जाने के लिए तैयार रहने को कहा है।
लगातार जारी बारिश ने जिले में लोगों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों, सड़कों और निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका बनी हुई है। मौसम का मिजाज यदि इसी तरह बना रहा और बारिश का सिलसिला नहीं थमा, तो आने वाले घंटों में हालात और बिगड़ सकते हैं।
सरायकेला में फिलहाल हर किसी की नजर आसमान और चांडिल डैम के बढ़ते जलस्तर पर टिकी हुई है—क्योंकि बारिश जारी रही तो पानी अब सिर्फ परेशानी नहीं, बड़ी आफत का रूप भी ले सकता है।





