डीयाडीह गांव से शुरू हुई विस्थापित समन्वय मंच की यात्रा, ग्रामीणों ने कहा—हर बार आंदोलन होता है, लेकिन परिणाम नहीं मिलता
विस्थापितों ने बड़े और निर्णायक आंदोलन की मांग उठाई, मंच ने दिया कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष का भरोसा
सरायकेला। संवाददाता
चांडिल डैम विस्थापित समन्वय मंच की ओर से विस्थापितों की समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर तीन दिवसीय यात्रा की शुरुआत गुरुवार को डीयाडीह गांव से हुई। यात्रा के पहले ही दिन ग्रामीणों में लंबे समय से चली आ रही समस्याओं और आंदोलनों के बावजूद अपेक्षित समाधान नहीं मिलने को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिला।
डीयाडीह में ग्रामीणों ने अपनी पीड़ा और नाराजगी खुलकर सामने रखी। ग्रामीणों का कहना था कि विस्थापितों की मांगों को लेकर समय-समय पर आंदोलन किए जाते हैं, बैठकें होती हैं और आश्वासन भी मिलते हैं, लेकिन धरातल पर इसका अपेक्षित परिणाम दिखाई नहीं देता। उन्होंने कहा कि अब केवल आंदोलन की घोषणा से काम नहीं चलेगा, बल्कि ऐसा बड़ा और निर्णायक आंदोलन खड़ा करना होगा, जिससे उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकल सके।
ग्रामीणों ने समन्वय मंच को भरोसा दिलाया कि वे संघर्ष में पूरी तरह साथ देंगे, लेकिन संगठन को भी उनके साथ मजबूती से खड़ा होना होगा। ग्रामीणों ने कहा कि विस्थापितों की एकजुटता ही उनके अधिकारों की लड़ाई को मजबूत कर सकती है।
इस मौके पर समन्वय मंच की ओर से श्यामल मार्डी ने कहा कि संगठन विस्थापितों के साथ हमेशा खड़ा रहेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विस्थापितों की समस्याओं और अधिकारों की लड़ाई में मंच कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करेगा और संघर्ष को आगे बढ़ाया जाएगा।
तीन दिवसीय यात्रा के पहले दिन डीयाडीह के बाद सखाडीह, खखरो, रुगड़ी और पहाड़धार गांवों का दौरा किया गया। इसके बाद यात्रा हाड़ात में समाप्त हुई। विभिन्न गांवों में ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं, मांगों और आंदोलन को लेकर उनकी राय जानी गई।
यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी रही। कार्यक्रम में विवेक सिंह, अवधेश मुर्मू, रेहना महतो, अम्बिका यादव, बिन्शु महापात्र, राकेश महतो, सजीत यादव, श्यामल मार्डी, मनोहर महतो, हरेकृष्ण महतो सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
विस्थापितों के बीच जिस तरह का आक्रोश पहले दिन सामने आया है, उससे संकेत मिल रहे हैं कि चांडिल डैम से जुड़े विस्थापन और पुनर्वास के मुद्दे पर आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज हो सकता है।





