झामुमो ने मोमेंटो प्रदान कर बढ़ाया गौरव, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में क्षेत्र का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ी को मिला सम्मान

एचसीएल की 'कॉपर ब्लास्टर' टीम के शानदार गोलकीपर रहे सुशांतो, 1977 से 1979 तक अपने उत्कृष्ट खेल से बनाई थी अलग पहचान

घाटशिला। आलोक अकेला की रिपोर्ट

हॉकी के जादूगर और भारतीय खेल जगत के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर मनाए जा रहे राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर क्षेत्र के विख्यात और प्रतिभाशाली पूर्व फुटबॉल खिलाड़ी Dahigoda निवासी सुशांतो भट्टाचार्य उर्फ आनंद भट्टाचार्य को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की ओर से सम्मानित किया गया। झामुमो नेताओं ने उन्हें स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) प्रदान कर फुटबॉल के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को नमन किया।

सम्मान समारोह के दौरान सुशांतो भट्टाचार्य के खेल जीवन और क्षेत्र के लिए उनके योगदान को याद करते हुए झामुमो के वरिष्ठ नेता जगदीश भकत ने कहा कि सुशांतो भट्टाचार्य केवल एक अच्छे खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरणास्रोत रहे हैं। उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल जगत में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया और पूरे क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया।

जगदीश भकत ने कहा कि वर्ष 1977, 1978 और 1979 के दौरान सुशांतो भट्टाचार्य ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की फुटबॉल प्रतियोगिताओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अपने खेल कौशल, अनुशासन और शानदार प्रदर्शन के कारण उन्होंने फुटबॉल जगत में एक अलग पहचान बनाई।

सुशांतो भट्टाचार्य ने हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) की प्रसिद्ध 'कॉपर ब्लास्टर' क्लब टीम में बतौर गोलकीपर अपनी सेवाएं दीं। गोलपोस्ट के सामने उनकी सजगता, फुर्ती और शानदार खेल कौशल ने उन्हें टीम का एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाया। फुटबॉल के मैदान में उनके प्रदर्शन ने न केवल खेलप्रेमियों का दिल जीता, बल्कि क्षेत्र के युवाओं को भी खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

झामुमो नेताओं ने कहा कि किसी भी क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं का सम्मान करना केवल एक खिलाड़ी को सम्मानित करना नहीं है, बल्कि उस संघर्ष, समर्पण और उपलब्धि को सम्मान देना है, जिसके बल पर खिलाड़ी अपने क्षेत्र और समाज की पहचान राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाता है। सुशांतो भट्टाचार्य जैसे खिलाड़ियों का सम्मान निश्चित रूप से युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का काम करेगा और उन्हें अपनी प्रतिभा को निखारकर बड़े मंच तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित यह सम्मान समारोह क्षेत्र के खेल इतिहास और उन प्रतिभाओं को याद करने का भी अवसर बना, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर फुटबॉल के मैदान में विशेष पहचान बनाई।

इस अवसर पर झामुमो की ओर से सुशांतो भट्टाचार्य को स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह में झामुमो के वरिष्ठ नेता जगदीश भकत, विकास मजूमदार, रिंकू सिंह, सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

राष्ट्रीय खेल दिवस पर एक शानदार खिलाड़ी के सम्मान ने यह संदेश भी दिया कि खेल के मैदान में अपने क्षेत्र का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों की उपलब्धियां समय के साथ भले ही इतिहास का हिस्सा बन जाएं, लेकिन उनका संघर्ष और योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा बना रहता है।