घाटशिला। असित भट्टाचार्य की रिपोर्ट
घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली, ग्रामीण और सुदूरवर्ती इलाकों के लोगों की इलाज के लिए लंबी दौड़ तथा विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की कमी का मुद्दा अब सरकार के शीर्ष स्तर तक पहुंच गया है। बुधवार को जिला परिसदन, जमशेदपुर में घाटशिला के विधायक सोमेश चन्द्र सोरेन ने झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से मुलाकात कर विधानसभा क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण मांगों का मांग-पत्र सौंपा।
विधायक ने स्पष्ट रूप से कहा कि घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण, आदिवासी एवं सुदूरवर्ती इलाकों की जनता को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना अब केवल विकास का मुद्दा नहीं, बल्कि जनजीवन से जुड़ी प्राथमिक आवश्यकता है।
घाटशिला में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की मांग
विधायक सोमेश चन्द्र सोरेन ने स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष सबसे महत्वपूर्ण मांग के रूप में घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्थापना का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की स्थापना होने से घाटशिला तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को गंभीर बीमारियों और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के लिए बार-बार जमशेदपुर की ओर दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों की पश्चिम बंगाल और ओडिशा के शहरों पर निर्भरता भी कम होगी। क्षेत्र में एक बड़े चिकित्सा संस्थान की स्थापना न केवल इलाज की सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि भविष्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में भी नए अवसर पैदा कर सकती है।
मुसाबनी का बंद पुराना PHC फिर से खोलने की मांग
मुसाबनी प्रखंड कार्यालय के सामने स्थित पुराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) के बंद होने से स्थानीय लोगों को हो रही परेशानियों को भी विधायक ने स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष प्रमुखता से रखा। पूर्व में PHC को स्थानांतरित कर केंदाडीह के CHC को अपग्रेड किए जाने के बाद मुसाबनी क्षेत्र के लोगों के सामने स्थानीय स्तर पर प्राथमिक चिकित्सा सुविधा की कमी की समस्या उत्पन्न हुई है। विधायक ने मांग की कि मुसाबनी के पुराने बंद पड़े PHC को पुनः संचालित किया जाए, ताकि प्रखंड और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को प्राथमिक एवं आवश्यक चिकित्सा सुविधा स्थानीय स्तर पर मिल सके। विधायक का कहना है कि पुराने PHC के पुनः शुरू होने से इलाज के लिए लोगों को दूर-दराज के अस्पतालों की ओर जाने की मजबूरी कम होगी और समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने से गंभीर परिस्थितियों में मरीजों को राहत मिल सकेगी।
नरसिंहगढ़ का नया CHC भवन क्यों पड़ा है बेकार?
धालभूमगढ़ प्रखंड के नरसिंहगढ़ में नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भवन लंबे समय से उपयोग में नहीं आने के कारण अपनी उपयोगिता पर सवाल खड़ा कर रहा है। विधायक सोमेश चन्द्र सोरेन ने स्वास्थ्य मंत्री से मांग की कि भवन का आवश्यक जीर्णोद्धार और मरम्मत कार्य शीघ्र पूरा कर इसे स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित किया जाए तथा CHC का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि करोड़ों अथवा लाखों रुपये की लागत से बने सार्वजनिक भवन यदि वर्षों तक उपयोग में नहीं आते हैं और धीरे-धीरे जर्जर होते जाते हैं, तो इसका सीधा नुकसान जनता को होता है। नरसिंहगढ़ CHC के संचालन से धालभूमगढ़ एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की बड़ी आबादी को स्थानीय स्तर पर चिकित्सा सुविधा मिल सकती है।
“बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मेरी प्राथमिकता” — सोमेश चन्द्र सोरेन
विधायक सोमेश चन्द्र सोरेन ने कहा कि घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण और सुदूरवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को बेहतर, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से आग्रह किया कि मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्थापना, मुसाबनी के पुराने PHC को पुनः चालू करने और नरसिंहगढ़ के नवनिर्मित CHC भवन का जीर्णोद्धार कर संचालन शुरू करने की दिशा में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जाए।
वहीं, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने विधायक द्वारा रखी गई मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया।
अब घाटशिला विधानसभा क्षेत्र की जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मंत्री के आश्वासन के बाद इन तीन महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मांगों पर सरकारी कार्रवाई कितनी तेजी से जमीन पर दिखाई देती है। क्योंकि सवाल केवल भवनों और घोषणाओं का नहीं, बल्कि समय पर इलाज, ग्रामीण मरीजों की जान और घाटशिला के लाखों लोगों के स्वास्थ्य अधिकार का है।





