सरायकेला... संवाददाता...

ईचागढ़ प्रखंड के गौरांगकोचा गांव में निर्माणाधीन नए बस स्टैंड की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों की शिकायत के बाद जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने स्थल का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य में मानकों और स्वीकृत एस्टीमेट के अनुपालन को लेकर गंभीर आपत्तियां जताईं।

जिला परिषद उपाध्यक्ष के अनुसार, कुछ दिन पूर्व ईचागढ़ के जिला परिषद सदस्य ज्योति दा सहित स्थानीय ग्रामीणों ने बस स्टैंड निर्माण में कथित अनियमितता और गुणवत्ताहीन कार्य की शिकायत की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने स्वयं मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान पिलरों की नींव, सरिया की संख्या एवं मोटाई तथा सीमेंट, बालू और गिट्टी के अनुपात को लेकर सवाल उठाए गए। उपाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य स्वीकृत एस्टीमेट के अनुरूप नहीं किया जा रहा है और इस्तेमाल की जा रही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं है।

उन्होंने कहा कि किसी भी भवन की मजबूती में पिलर की अहम भूमिका होती है। यदि शुरुआती चरण में ही निर्माण की गुणवत्ता से समझौता हुआ तो भविष्य में यह आम लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर समस्या बन सकता है।

जिला अभियंता को पत्र, सात दिनों में मांगी रिपोर्ट

मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला परिषद उपाध्यक्ष ने जिला परिषद के जिला अभियंता को लिखित पत्र भेजकर पूरे निर्माण कार्य की बिंदुवार जांच कराने का निर्देश दिया है। साथ ही सात दिनों के भीतर जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा गया है।

मधुश्री महतो ने बताया कि इस संबंध में जिला परिषद के चेयरमैन से भी बातचीत हुई है और चेयरमैन जल्द ही निर्माण स्थल का निरीक्षण करेंगे। जांच में अनियमितता की पुष्टि होने पर जिला परिषद स्तर से संबंधित संवेदक और जिम्मेदार पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

"जांच रिपोर्ट आने के बाद होगी आगे की कार्रवाई"

मधुश्री महतो ने कहा कि ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर स्थल निरीक्षण किया गया। वहां प्रथम दृष्टया एस्टीमेट के अनुरूप काम नहीं होने की बात सामने आई है। छड़, सीमेंट और बालू के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल हैं। उन्होंने कहा कि जिला अभियंता को पूरे मामले की जांच के लिए लिखित रूप से कहा गया है और सात दिनों में रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इधर, स्थानीय ग्रामीणों ने भी मांग की है कि बस स्टैंड का निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों और स्वीकृत एस्टीमेट के अनुरूप कराया जाए, ताकि सरकारी राशि का सही उपयोग हो और क्षेत्र के लोगों को लंबे समय तक बेहतर एवं सुरक्षित सुविधा मिल सके।