इंटक प्रदेश अध्यक्ष शिव शंकर मुंडा ने विधायक सोनाराम सिंकू से की मुलाकात, संगठित-असंगठित मजदूरों को एक मंच पर लाने का आह्वान
जमशेदपुर/चाईबासा। मजदूरों के हक, अधिकार और उनकी एकजुटता को लेकर कोल्हान में एक बार फिर बड़ी राजनीतिक और संगठनात्मक हलचल तेज होने लगी है। भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) का आठवां प्रांतीय महाधिवेशन आगामी 2 अक्टूबर को चाईबासा में आयोजित किया जाएगा। महाधिवेशन को सफल बनाने और मजदूरों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने की तैयारियों के बीच इंटक के प्रदेश अध्यक्ष शिव शंकर मुंडा ने कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सह विधायक सोनाराम सिंकू से चाईबासा परिसदन में औपचारिक मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की।
मुलाकात के दौरान प्रदेश अध्यक्ष शिव शंकर मुंडा ने विधायक सोनाराम सिंकू को महाधिवेशन की पूरी रूपरेखा से अवगत कराया। बताया गया कि इस महत्वपूर्ण आयोजन में ए. राजू और सांसद पप्पू यादव के शामिल होने की प्रबल संभावना है, जिससे महाधिवेशन को लेकर कार्यकर्ताओं और मजदूर संगठनों में उत्साह बढ़ा हुआ है।
"मजदूरों की ताकत उनकी एकजुटता में है"
प्रदेश अध्यक्ष शिव शंकर मुंडा ने कहा कि इंटक केवल मजदूरों की बात करने वाला संगठन नहीं, बल्कि उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाला आंदोलन है। उन्होंने कहा कि आज संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के मजदूर कई तरह की समस्याओं और चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में मजदूरों का अलग-अलग रहना उनके अधिकारों की लड़ाई को कमजोर करता है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मजदूर अगर एक मंच पर संगठित होंगे तो उनकी आवाज को नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा।
वहीं, विधायक सोनाराम सिंकू ने इंटक की पहल का समर्थन करते हुए कहा कि वे मजदूरों के हित और अधिकारों की लड़ाई में हमेशा उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि कोल्हान क्षेत्र के मजदूरों को उनका हक दिलाने के लिए सभी को मिलकर संघर्ष करना होगा।
दोनों नेताओं ने संगठित और असंगठित क्षेत्रों के मजदूरों से अपील की कि वे आपसी मतभेदों और बिखराव से ऊपर उठकर एक मजबूत मंच पर एकजुट हों।
संदेश साफ है—मजदूरों की लड़ाई तभी मजबूत होगी, जब मजदूरों की आवाज बिखरी हुई नहीं, बल्कि एकजुट होकर उठेगी। आगामी 2 अक्टूबर को चाईबासा में होने वाला इंटक का आठवां प्रांतीय महाधिवेशन इसी एकजुटता और मजदूर अधिकारों के सवाल को नई धार देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।





