31 अगस्त तक पंचायत से लेकर प्रखंड स्तर तक चलेगा जनजागरण अभियान, 7 सितंबर को हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं की जुटान का आह्वान
जमशेदपुर। ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट
खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने पूर्वी सिंहभूम जिले में आंदोलनात्मक कार्यक्रमों की घोषणा की है। झामुमो पूर्वी सिंहभूम जिला समिति की ओर से जारी आवश्यक सूचना में पार्टी के सभी प्रखंड अध्यक्ष, नगर अध्यक्ष, सचिव, महानगर संयोजक मंडली के सदस्यों तथा संबंधित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को निर्धारित कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
जिला कार्यालय से 26 अगस्त 2026 को जारी सूचना के अनुसार, केंद्रीय समिति के प्रस्ताव तथा पूर्वी सिंहभूम जिलाध्यक्ष के निर्देश पर दो चरणों में आंदोलन चलाया जाएगा। पहला चरण जनजागरण अभियान का होगा, जबकि दूसरे चरण में 7 सितंबर 2026 को विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
31 अगस्त तक गांव-पंचायत स्तर पर जनजागरण
झामुमो ने 31 अगस्त 2026 तक जिले की सभी पंचायतों और पार्टी शाखाओं में अपने निर्धारित क्षेत्रों के भीतर जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत पार्टी के पदाधिकारी, वरिष्ठ कार्यकर्ता, झारखंड आंदोलनकारी, महिला नेत्रियां तथा महिला कार्यकर्ताओं के समन्वय से विभिन्न स्थानों पर बैठकें और नुक्कड़ सभाएं आयोजित करने को कहा गया है।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रस्तावित कानून के विरोध में लोगों को जागरूक करने तथा आंदोलन के उद्देश्य को आम जनता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी पार्टी संगठन के स्थानीय पदाधिकारियों को दी गई है। सूचना में स्पष्ट किया गया है कि पंचायत और शाखा स्तर पर कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से आयोजित कर जनजागरण अभियान को सफल बनाया जाए।
7 सितंबर को प्रखंड-नगर मुख्यालयों में विशाल प्रदर्शन
आंदोलन के दूसरे चरण में सोमवार, 7 सितंबर 2026 को जिले के निर्देशित प्रखंड और नगर मुख्यालयों में विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। जिला समिति ने संबंधित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया है।
सूचना के अनुसार, धरना-प्रदर्शन को प्रभावी बनाने के लिए तीर-धनुष, ढोल-नगाड़े और गाजे-बाजे के साथ हजारों की संख्या में उपस्थित होने का लक्ष्य रखा गया है। यानी झामुमो इस आंदोलन को केवल संगठनात्मक कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय व्यापक जनभागीदारी के साथ शक्ति प्रदर्शन के रूप में आयोजित करने की तैयारी में है।
संगठन को सक्रिय करने की कवायद
जिला समिति की इस सूचना से साफ है कि आंदोलन की तैयारी को पंचायत और शाखा स्तर से शुरू कर प्रखंड एवं नगर मुख्यालय तक ले जाने की रणनीति बनाई गई है। पहले चरण में कार्यकर्ताओं को जनता के बीच जाकर मुद्दे पर चर्चा करने और जनजागरण करने की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि दूसरे चरण में बड़ी संख्या में लोगों को एकत्रित कर धरना-प्रदर्शन के माध्यम से विरोध दर्ज कराने की तैयारी है।
झामुमो ने सभी संबंधित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को निर्धारित कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा संगठन के निर्देशों का पालन करने को कहा है। जिला कार्यालय सचिव श्रीतम हेम्ब्रम के हस्ताक्षर से जारी इस सूचना में अंत में सभी कार्यकर्ताओं से आंदोलन को सफल बनाने के लिए पूरी सक्रियता के साथ जुटने का आह्वान किया गया है।
झामुमो के इस कार्यक्रम के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि 31 अगस्त तक चलने वाला जनजागरण अभियान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में किस स्तर तक पहुंचता है तथा 7 सितंबर को प्रस्तावित विशाल धरना-प्रदर्शन में पार्टी अपने दावे के मुताबिक कितनी बड़ी संख्या में लोगों को जुटा पाती है।





