सरायकेला... विजय कुमार गुप्ता की रिपोर्ट...

चांडिल स्टेशन से सटे पितकी रेलवे फाटक के पास सोमवार तड़के करीब 3 बजे टाटा से पुरुलिया की ओर जा रहे एक खाली ट्रक में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरा ट्रक धू-धू कर जल उठा और कुछ ही देर में राख में तब्दील हो गया। हालांकि चालक की सूझबूझ और तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया।

आग लगने का अहसास होते ही चालक ने बिना समय गंवाए ट्रक को सड़क किनारे नीचे उतार दिया और सुरक्षित बाहर निकल गया। कुछ ही क्षणों में आग ने ट्रक को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। घटना के दौरान आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया। रात का समय होने के कारण मौके पर तत्काल आग बुझाने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। गनीमत रही कि हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

आग कैसे लगी, जांच जारी

ट्रक में आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा घटना की जांच शुरू की। आग की वजह तकनीकी खराबी थी या कोई अन्य कारण, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा।

हादसे ने फिर याद दिलाई अधूरे ओवरब्रिज की समस्या

पितकी फाटक पर हुई इस घटना ने वर्षों से चली आ रही ओवरब्रिज निर्माण की समस्या को एक बार फिर सामने ला दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे फाटक बंद होते ही यहां लंबा जाम लगना आम बात है। फाटक के दोनों ओर वाहनों की कतार लग जाती है और राहगीरों, ट्रक चालकों, स्कूली छात्रों तथा अभिभावकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।

लोगों का आरोप है कि ओवरब्रिज का निर्माण समय पर पूरा नहीं होने के कारण हर दिन लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। कई बार एंबुलेंस और स्कूली वाहन भी जाम में फंस जाते हैं, जिससे गंभीर परिस्थितियों में परेशानी और बढ़ सकती है।

स्थानीय लोगों ने कहा कि ओवरब्रिज को जल्द पूरा कराने के वादे कई बार किए गए, लेकिन जमीन पर अब तक स्थिति नहीं बदली। लोगों का सवाल है कि आखिर इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए जनता को और कितने वर्षों तक इंतजार करना पड़ेगा?

अब स्थानीय लोगों ने प्रशासन और रेलवे से पितकी फाटक की समस्या को गंभीरता से लेते हुए ओवरब्रिज निर्माण को शीघ्र पूरा कराने तथा जाम से स्थायी राहत दिलाने की मांग की है।