सुबह से बाजारों में रही रौनक, राखी-मिठाई और उपहारों की दुकानों पर उमड़ी भीड़

सरायकेला, चांडिल, ईचागढ़, आदित्यपुर, गम्हरिया और कपाली सहित पूरे जिले में दिखा भाई-बहन के अटूट प्रेम का उत्सव

सरायकेला। संवाददाता

भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और स्नेह का पवित्र पर्व रक्षाबंधन पूरे देश के साथ-साथ सरायकेला-खरसावां जिले में भी हर्षोल्लास और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही जिले भर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर प्रेम और विश्वास का धागा बांधकर उनकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और खुशहाल जीवन की कामना की, वहीं भाइयों ने अपनी बहनों की रक्षा करने और हर सुख-दुख में उनके साथ खड़े रहने का संकल्प लिया।

सुबह से ही घरों में रक्षाबंधन की तैयारियां शुरू हो गई थीं। बहनें स्नान कर नए और पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर कुमकुम, अक्षत, दीया, फूल, मिठाई और रंग-बिरंगी राखियों से सजी पूजा की थाली तैयार करती नजर आईं। शुभ मुहूर्त के अनुसार बहनों ने भाइयों को तिलक लगाया, आरती उतारी और उनकी कलाई पर राखी बांधकर मिठाई खिलाई।

रक्षाबंधन केवल भाई की कलाई पर बांधा जाने वाला एक धागा नहीं है, बल्कि यह भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास, समर्पण और जीवनभर साथ निभाने के संकल्प का प्रतीक है। बहन अपने भाई की खुशहाली और सुरक्षा की प्रार्थना करती है, जबकि भाई अपनी बहन की रक्षा करने और जीवन की हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का वचन देता है।

इस पावन पर्व को लेकर बहनों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई बहनें जो विवाह के बाद ससुराल या दूर-दराज के शहरों में रहती हैं, वे भी अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए मायके पहुंचीं। वहीं दूर रहने वाले भाई-बहनों ने डाक और ऑनलाइन माध्यम से राखियां भेजकर इस रिश्ते की गर्माहट को बनाए रखा। कई परिवारों में दूरी के बावजूद वीडियो कॉल के माध्यम से भी रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया।

राखी बांधने के बाद भाइयों ने बहनों को उपहार, नेग और मिठाई देकर उनका आशीर्वाद लिया। कई घरों में पूरे परिवार ने एक साथ बैठकर इस पवित्र पर्व को मनाया और आपसी रिश्तों की मजबूती का संदेश दिया।

बाजारों में रही खास रौनक

रक्षाबंधन को लेकर जिले के बाजारों में भी सुबह से विशेष चहल-पहल देखने को मिली। राखी, मिठाई, कपड़े और उपहारों की दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ी रही। रंग-बिरंगी और आकर्षक डिजाइन की राखियों ने बाजारों की रौनक बढ़ा दी।

सरायकेला, चांडिल, ईचागढ़, आदित्यपुर, गम्हरिया और कपाली सहित जिले के विभिन्न बाजारों में दिनभर खरीदारों की आवाजाही बनी रही। बहनों ने भाइयों के लिए पसंदीदा राखियां खरीदीं, जबकि भाइयों ने बहनों के लिए उपहारों की खरीदारी की।

जिले भर में लोगों ने एक-दूसरे को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं और भाई-बहन के इस पवित्र रिश्ते को प्रेम, विश्वास और सम्मान के साथ और मजबूत बनाए रखने का संकल्प लिया।

रक्षाबंधन का यह पर्व एक बार फिर यह संदेश दे गया कि समय और परिस्थितियां भले बदल जाएं, लेकिन भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास और अपनापन हमेशा उतना ही मजबूत और अटूट रहता है।