घाटशिला। असित भट्टाचार्य
प्रकृति से गहरा जुड़ाव रखने वाला व्यक्ति अक्सर चीजों को देखने का एक अलग नजरिया रखता है। वह सिर्फ पेड़ नहीं लगाता, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन, छांव और उम्मीद रोपता है। कुछ ऐसा ही संदेश मुख्यमंत्री एवं झामुमो केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन के जन्मदिन के अवसर पर झामुमो पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष विक्टर सोरेन ने पौधरोपण कर दिया।
मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम में पौधरोपण को महज औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण और जनसेवा से जोड़ते हुए विक्टर सोरेन ने हेमंत सोरेन की तुलना एक वृक्ष से की। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन हमारे अभिभावक हैं और उनके नेतृत्व की छांव में हम सभी फल-फूल रहे हैं।
विक्टर सोरेन ने कहा कि जिस प्रकार एक वृक्ष बिना किसी भेदभाव के हर व्यक्ति को अपनी छांव देता है, फल देता है और उसकी लकड़ियां भी मानव जीवन में उपयोगी होती हैं, उसी प्रकार हेमंत सोरेन झारखंडवासियों के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में राज्य की जनता को विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है और यह प्रयास आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि वृक्ष की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वह खुद धूप सहकर दूसरों को छांव देता है। उसी तरह एक जननेता भी अपने लोगों के हितों के लिए निरंतर कार्य करता है। हेमंत सोरेन के नेतृत्व को उन्होंने इसी भावना से जोड़ते हुए कहा कि उनकी सोच और कार्यप्रणाली का लाभ झारखंड की जनता को लगातार मिलता रहे, यही कामना है।
मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर पौधरोपण के माध्यम से विक्टर सोरेन ने राजनीति को प्रकृति और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने की कोशिश की। उनका यह संदेश स्पष्ट था कि जन्मदिन केवल शुभकामनाओं और उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि समाज और प्रकृति के लिए कुछ सकारात्मक करने का संकल्प लेने का दिन भी हो सकता है।
पौधरोपण के इस संदेश में मुख्यमंत्री के प्रति सम्मान के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की चिंता भी दिखाई दी। एक पौधा आज छोटा है, लेकिन आने वाले वर्षों में वही वृक्ष किसी राहगीर को छांव देगा, पक्षियों को आश्रय देगा और प्रकृति को जीवन देगा। इसी भावना के साथ विक्टर सोरेन ने हेमंत सोरेन के जन्मदिन को यादगार बनाने का प्रयास किया।
जमीनी आवाज के लिए यह संदेश इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि नेतृत्व की चर्चा जब प्रकृति और जनसेवा के प्रतीक वृक्ष के माध्यम से होती है, तो वह सिर्फ राजनीतिक बयान नहीं रह जाती, बल्कि समाज के सामने एक सकारात्मक सोच भी प्रस्तुत करती है।





