रांची/जमीनी आवाज: असित भट्टाचार्य
बहरागोड़ा के पूर्व विधायक एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता कुणाल सारंगी ने शुक्रवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर राज्यहित और जनसरोकार से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। मुलाकात के दौरान उन्होंने जमशेदपुर (सोनारी) से भुवनेश्वर एवं कोलकाता के लिए संचालित क्षेत्रीय उड़ान सेवाओं को बंद होने से बचाने, इंटरमीडिएट शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के समायोजन तथा झारखंड आंदोलनकारियों को प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने जैसे विषयों को प्रमुखता से उठाया।
कुणाल सारंगी ने मुख्यमंत्री को बताया कि रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (RCS-UDAN) के तहत संचालित जमशेदपुर–भुवनेश्वर एवं जमशेदपुर–कोलकाता उड़ानों पर केंद्र सरकार की सब्सिडी समाप्त होने के कारण अगस्त के अंतिम सप्ताह से इन सेवाओं के बंद होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि यदि यह सेवाएं बंद होती हैं तो पूर्वी सिंहभूम सहित पूरे कोल्हान क्षेत्र के यात्रियों, विद्यार्थियों, मरीजों, व्यापारियों और उद्योग जगत को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने राज्य सरकार से इस मामले में केंद्र सरकार एवं नागरिक उड्डयन मंत्रालय से पहल करने का आग्रह किया।
बैठक में नई शिक्षा नीति (NEP) के कारण प्रभावित इंटरमीडिएट शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के भविष्य का मुद्दा भी उठाया गया। कुणाल सारंगी ने आग्रह किया कि संबंधित कर्मियों को उनके जिलों में प्लस-टू विद्यालयों अथवा अपग्रेडेड शिक्षण संस्थानों में पूर्ववत शर्तों पर समायोजित करने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए, ताकि उनके भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता समाप्त हो सके।
इसके अलावा उन्होंने झारखंड आंदोलनकारी चिन्हितीकरण आयोग द्वारा सूची प्रकाशित होने के बावजूद पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला एवं गुड़ाबांधा क्षेत्र के कई पात्र आंदोलनकारियों को अब तक प्रमाण-पत्र नहीं मिलने का विषय भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश जारी कर पात्र आंदोलनकारियों को समयबद्ध तरीके से उनका अधिकार सुनिश्चित कराने की मांग की।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कुणाल सारंगी द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर सकारात्मक पहल करने तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया।





