पुरुलिया। आदिवासी कुर्मी समाज की ओर से आगामी 20 सितंबर 2026 को पुरुलिया जिले के कोराडी गांव में आयोजित होने वाले तीन राज्यों के कुर्मियों के ऐतिहासिक करम अखाड़ा एवं कुरमाली नेगाचारी समावेश को लेकर तैयारियां अब तेज हो गई हैं। आयोजन को लेकर समाज में उत्साह का माहौल है और इसे कुर्मी समाज की सांस्कृतिक एकजुटता का बड़ा मंच माना जा रहा है।
मंत्री, विधायक और प्रशासन ने किया स्थल निरीक्षण
रविवार को आदिवासी कुर्मी समाज के मूल कुटि-मूल मानता आदरणीय अजित महतो के साथ पश्चिम बंगाल के PWD मंत्री, जिले के सभी विधायक, जिलाधिकारी (DM), पुलिस अधीक्षक (SP) तथा आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने कोराडी स्थित कार्यक्रम स्थल का संयुक्त रूप से निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कार्यक्रम स्थल की क्षमता, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, पार्किंग, आवागमन, मंच व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। संभावित रूप से लाखों लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और आयोजन समिति के सामने सबसे बड़ी चुनौती भीड़ प्रबंधन और सुचारू व्यवस्था बनाए रखने की होगी।
तीन राज्यों की सांस्कृतिक एकजुटता का प्रदर्शन
आयोजन समिति की तैयारियों को देखते हुए साफ है कि 20 सितंबर का करम अखाड़ा महज एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि तीन राज्यों के कुर्मी समाज की सामाजिक-सांस्कृतिक एकजुटता का बड़ा प्रदर्शन बनने जा रहा है। करम पर्व की परंपरा, कुरमाली भाषा-संस्कृति और नेगाचारी परंपराओं को एक मंच पर लाने की तैयारी की जा रही है।
प्रशासन स्तर पर भी व्यापक तैयारियां शुरू
प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के कार्यक्रम स्थल के निरीक्षण से यह भी संकेत मिला कि आयोजन को लेकर प्रशासन स्तर पर भी व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अब निगाहें 20 सितंबर पर टिकी हैं, जब कोराडी की धरती पर तीन राज्यों से आने वाले कुर्मी समाज के लोग अपनी परंपरा, संस्कृति और सामाजिक एकजुटता का विराट स्वरूप प्रस्तुत करेंगे।





