सरायकेला। ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र की वर्षों पुरानी समस्याओं को लेकर भाजपा जिला मंत्री रूपेश वर्मा उर्फ पप्पू वर्मा के नेतृत्व में सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने रांची में महामहिम राज्यपाल से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को लेकर सात सूत्री मांग पत्र सौंपते हुए इनके समाधान के लिए आवश्यक पहल करने की मांग की।
विस्थापन, प्रदूषण और हाथी आतंक का मुद्दा
प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से चांडिल बहुउद्देशीय परियोजना से विस्थापित परिवारों की समस्याओं, चौका क्षेत्र में औद्योगिक प्रदूषण, ईचागढ़ में बढ़ते हाथी आतंक और स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली का मुद्दा उठाया। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि कई विस्थापित परिवारों को अब तक विस्थापन कार्ड तथा मुआवजा राशि का भुगतान पूरा नहीं हुआ है, वहीं पुनर्वास क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं की भी कमी है।
औद्योगिक प्रदूषण पर कार्रवाई की मांग
चौका थाना क्षेत्र में संचालित विभिन्न स्पंज आयरन एवं अन्य औद्योगिक इकाइयों से फैल रहे प्रदूषण पर चिंता जताते हुए प्रतिनिधिमंडल ने नियमित जांच कराकर उल्लंघन पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। ईचागढ़ में बढ़ते मानव-हाथी संघर्ष को लेकर भी राज्यपाल का ध्यान आकृष्ट कराया गया, क्योंकि हाथियों के झुंड किसानों की धान की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
50 बेड अस्पताल शीघ्र चालू करने की मांग
इसके अलावा चांडिल में बनकर तैयार 50 बेड के अनुमंडल अस्पताल को अब तक शुरू नहीं किए जाने का मामला भी उठाया गया, जिसे जल्द चालू करने के साथ पर्याप्त डॉक्टर, नर्स और एंबुलेंस उपलब्ध कराने की मांग की गई।
ज्ञापन में रखी गई सात प्रमुख मांगें
स्वर्णरेखा परियोजना के विस्थापितों को पूर्ण मुआवजा, पुनर्वास कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाएं, आदिवासी भूमिज-मुंडा समाज के मेगालिथ स्थलों का संरक्षण, हाथी प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा, चौका के औद्योगिक प्रदूषण पर रोक, ईचागढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार और 50 बेड अनुमंडल अस्पताल को शीघ्र चालू करने की मांगें शामिल रहीं। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ता खुदीराम सिंह सरदार, कालीपद गोप, रामकृष्ण महतो, अनिल सिंह, रविंदर सिंह सरदार, आदिवासी नेता बाबूलाल सोरेन समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।





