युवा पीढ़ी के रक्षक हैं शिक्षक, इनके सम्मान से मजबूत होगा नशामुक्त समाज का संकल्प

SEVAK की शिक्षकों के साथ सार्थक पहल: सिंह होटल में हुई चर्चा में नशा और तेज रफ्तार से हो रही मौतों पर उठे गंभीर सवाल, 11 अक्टूबर को JN पैलेस में होगा शिक्षक सम्मान एवं संगीत कार्यक्रम

घाटशिला। असित भट्टाचार्य की रिपोर्ट

युवा पीढ़ी को सही दिशा देने और समाज को नशे की बढ़ती गिरफ्त से बचाने की मुहिम में Social Empowerment Visionary and Kindness (SEVAK) ने शिक्षकों को अपनी पहल से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। इसी उद्देश्य को लेकर बुधवार की शाम सिंह होटल में SEVAK के सदस्यों और शिक्षकों के बीच विशेष संवाद एवं विचार-विमर्श हुआ।

बैठक में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति, युवाओं में नशे की लत और तेज रफ्तार के कारण हो रही मौतों को लेकर गंभीर चर्चा हुई। बातचीत के दौरान कई शिक्षकों ने चिंता जताई कि बच्चों और युवाओं की गतिविधियों पर परिवार की निगरानी कमजोर होने का असर समाज पर पड़ रहा है। शिक्षकों ने नशे की बढ़ती प्रवृत्ति और तेज रफ्तार से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने में माता-पिता की जिम्मेदारी और पारिवारिक जागरूकता को भी महत्वपूर्ण बताया।

शिक्षकों ने कहा कि केवल पुलिस या प्रशासन के प्रयास से नशे की समस्या पर पूरी तरह अंकुश लगाना संभव नहीं है। इसके लिए परिवार, विद्यालय, शिक्षक, प्रशासन और सामाजिक संगठनों को मिलकर काम करना होगा। युवाओं को केवल रोकने या डराने के बजाय उन्हें जागरूक और प्रेरित करने की जरूरत है, ताकि वे खुद नशे और खतरनाक रफ्तार से दूर रहने का संकल्प लें।

इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए SEVAK की ओर से 11 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे JN पैलेस, घाटशिला में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही शिक्षकों द्वारा संगीत की प्रस्तुति भी दी जाएगी।

कार्यक्रम को लेकर शिक्षकों में खासा उत्साह है। चर्चा के दौरान शिक्षकों ने सुझाव दिया कि शिक्षक सम्मान का यह कार्यक्रम केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसके बाद भी नशामुक्ति और सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए। प्रशासन के सहयोग से विभिन्न स्थानों पर जागरूकता पोस्टर लगाए जाएं और युवाओं को जोड़कर अलग-अलग तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि उन्हें नशे से दूर रहने और सुरक्षित जीवन जीने के लिए प्रेरित किया जा सके।

शिक्षकों ने इस बात पर भी जोर दिया कि युवा पीढ़ी को सही दिशा देने में शिक्षक की भूमिका केवल कक्षा तक सीमित नहीं है। शिक्षक समाज के भविष्य को तैयार करने वाले मार्गदर्शक हैं। इसलिए यदि शिक्षक, अभिभावक और सामाजिक संगठन एकजुट होकर युवाओं के बीच काम करें तो नशे के खिलाफ अभियान को मजबूती मिल सकती है।

बैठक में SEVAK के सदस्यों और शिक्षकों ने इस बात पर सहमति जताई कि शिक्षकों का सम्मान केवल किसी व्यक्ति का सम्मान नहीं, बल्कि समाज की अगली पीढ़ी को तैयार करने वाली पूरी व्यवस्था का सम्मान है। शिक्षक, अभिभावक, प्रशासन और सामाजिक संगठन एक मंच पर आकर काम करें तो नशे के खिलाफ लड़ाई को नई ताकत मिल सकती है और तेज रफ्तार से हो रही सड़क दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं।

चाय-पकौड़ी के साथ हुई इस आत्मीय और सार्थक बातचीत का समापन नशामुक्त एवं सुरक्षित समाज के लिए मिलकर काम करने के संकल्प के साथ हुआ।

SEVAK का मानना है कि युवा पीढ़ी को बचाने की शुरुआत जागरूकता से होगी और इस अभियान में शिक्षक सबसे मजबूत कड़ी साबित हो सकते हैं। शिक्षक सम्मान की यह पहल समाज में सम्मान की संस्कृति के साथ-साथ युवाओं को नशे से दूर रखने और सुरक्षित जीवन की ओर प्रेरित करने का माध्यम बने, यही इस पहल का उद्देश्य है।