रामलीला मैदान में बाबाओं की टोली के साथ पहुंचे पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव, गूंजा ‘वोट चोर कहां मिलेगा, बीजेपी के दफ्तर में’

संतों और बाबाओं की अलग टोली ने भी संभाला मोर्चा, ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर विपक्ष की महारैली में दिखा अनोखा दृश्य

जमीनी आवाज | नई दिल्ली

दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को आयोजित विपक्ष की महारैली के दौरान पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव एक अलग अंदाज में नजर आए। बाबाओं और संतों की टोली के साथ उनकी मौजूदगी ने मार्च को एक अलग पहचान दी। राजनीतिक नारों के बीच संतों की यह टोली भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही।

इस दौरान जनसमूह के बीच एक नारा गूंजता सुनाई दिया— ‘वोट चोर कहां मिलेगा, बीजेपी के दफ्तर में!’ यह नारा कथित वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्ष के राजनीतिक विरोध का हिस्सा था। बाबाओं की एक अलग टोली भी जनसैलाब के बीच दिखाई दी। इस तरह राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ धार्मिक वेशभूषा में पहुंचे लोगों की मौजूदगी ने पूरे घटनाक्रम को एक अलग दृश्यात्मक रूप दिया।

गौरतलब है कि 31 जुलाई 2026 को संसद परिसर में भी पप्पू यादव साधु के वेश में एक प्रतीकात्मक प्रदर्शन करते नजर आए थे। उस दौरान राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के मुद्दे को लेकर विपक्षी सांसदों ने दानपेटी के माध्यम से विरोध प्रदर्शन किया था। उस घटनाक्रम की तस्वीरें और वीडियो देशभर में चर्चा में रहे थे।

अब दिल्ली के रामलीला मैदान में संतों और बाबाओं की टोली के साथ उनकी मौजूदगी ने एक बार फिर राजनीतिक विरोध प्रदर्शन में अलग तरह का दृश्य प्रस्तुत किया।