डिजिटल हस्ताक्षर की फाइलों में फंसा शिक्षकों का वेतन, दो महीने से इंतजार

वेतन रुका तो ईएमआई, बच्चों की फीस से लेकर बिजली-बिल और बीमा तक भुगतान संकट में; उधार लेकर घर चलाना भी मुश्किल

दुर्गापूजा-दीपावली सिर पर, शिक्षक संघ का सवाल—डिजिटल व्यवस्था सुविधा के लिए थी या भुगतान रोकने के लिए?

झारखंड के प्राथमिक शिक्षकों का वेतन अब सिर्फ एक भुगतान की तारीख का मामला नहीं रह गया है। नई डिजिटल भुगतान व्यवस्था के तहत विपत्रों की स्वीकृति लंबित रहने के कारण वेतन भुगतान प्रभावित होने की शिकायत ने हजारों शिक्षक परिवारों की आर्थिक चिंता बढ़ा दी है।


अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ, झारखंड प्रदेश ने 25 सितंबर 2026 को स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव को पत्र भेजकर इस समस्या को उठाया है। संघ के अनुसार, 1 सितंबर 2026 से वेतन समेत विभिन्न विपत्रों के भुगतान के लिए डिजिटल हस्ताक्षर आधारित कागजरहित व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। संघ का आरोप है कि शिक्षकों के वेतन विपत्र स्वीकृति के लिए भेजे गए, लेकिन स्वीकृति लंबित रहने के कारण भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।

वेतन नहीं तो ईएमआई कैसे? बच्चों की फीस कौन भरे?

वेतन अटकने का सीधा असर घर की ईएमआई, बच्चों की स्कूल फीस, किराना और दूसरे जरूरी घरेलू खर्चों पर पड़ सकता है। जिन शिक्षकों के खाते से ईएमआई की ऑटो-डेबिट व्यवस्था है, उनके सामने भुगतान की तारीख निकलने की चिंता है। सबसे बड़ी परेशानी उन परिवारों के लिए है जिनके पास अचानक खर्च चलाने के लिए पर्याप्त नकद बचत नहीं है।

बिजली बिल से बीमा और होल्डिंग टैक्स तक—हर भुगतान पर असर

वेतन भुगतान में देरी का असर सिर्फ बड़े खर्चों पर नहीं, बल्कि रोजमर्रा की अनिवार्य वित्तीय जिम्मेदारियों पर भी पड़ता है। बिजली बिल, बीमा की किस्त, होल्डिंग टैक्स और दूसरे निर्धारित भुगतान समय पर नहीं हो पाए तो विलंब शुल्क या पेनल्टी का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ सकता है।

अगस्त अटका, सितंबर पर भी अनिश्चितता

संघ द्वारा विभाग को भेजे गए पत्र में दावा किया गया है कि कई स्थानों पर अगस्त 2026 का वेतन विपत्र निर्धारित समय तक पारित नहीं हो सका। अब सितंबर का भुगतान भी प्रभावित होने की आशंका ने शिक्षकों की परेशानी बढ़ा दी है।

पूर्वी सिंहभूम में भी उठी आवाज

पूर्वी सिंहभूम में भी वेतन भुगतान की समस्या को लेकर झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ, जिला पूर्वी सिंहभूम, जमशेदपुर की ओर से 25 सितंबर को संबंधित अधिकारी को पत्र भेजा गया है। आगामी दुर्गापूजा और दीपावली को देखते हुए यह मांग और महत्वपूर्ण हो गई है।

शिक्षक संघ की मांग—अड़चन हटाइए, वेतन दिलाइए

शिक्षक संगठनों ने विभाग से डिजिटल हस्ताक्षर से संबंधित लंबित स्वीकृति प्रक्रिया को तत्काल पूरा कराने और अगस्त एवं सितंबर के लंबित वेतन भुगतान को जल्द जारी कराने की मांग की है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या विभाग त्योहारों से पहले इस भुगतान की अड़चन दूर कर शिक्षक परिवारों को राहत देगा?