जमीनी आवाज | शिक्षा एवं संस्कृति विशेष रिपोर्ट

मुसाबनी | असित भट्टाचार्य की कलम से

रंगों की रंगोली, दीपों की जगमगाहट और बच्चों की खिलखिलाहट से रोशन हुआ जीसीजेडी हाई स्कूल का दीपावली उत्सव

रचनात्मकता, भारतीय संस्कृति और आपसी प्रेम का दिखा सुंदर संगम; रंगोली, चित्रांकन एवं दीप सज्जा प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने बिखेरे प्रतिभा के रंग, सचिव उषा सिंह ने बच्चों और शिक्षकों के बीच बांटीं खुशियां।

मुसाबनी। रोशनी का पर्व दीपावली जब बच्चों की कल्पनाओं, रंगों की खूबसूरती और दीपों की जगमगाहट से जुड़ता है, तो खुशियों का रंग और भी गहरा हो जाता है। कुछ ऐसा ही मनमोहक नजारा शनिवार, 7 नवंबर को जीसीजेडी हाई स्कूल, मुसाबनी में देखने को मिला। विद्यालय परिसर दीपावली के उल्लास, उत्साह और रचनात्मकता से सराबोर नजर आया। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मिलकर उत्सव को यादगार बना दिया।

विद्यार्थियों ने अलग-अलग समूहों में आकर्षक रंगोली बनाकर अपनी कलात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। रंग-बिरंगे रंगों से सजी रंगोलियों ने विद्यालय परिसर की सुंदरता में चार चांद लगा दिए। वहीं, चित्रांकन प्रतियोगिता और दीप सज्जा कार्यक्रम में भी बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। किसी ने अपनी कल्पनाओं को चित्रों में उतारा, तो किसी ने दीपों को सजाकर रोशनी के इस पर्व को अपनी रचनात्मकता से खास बना दिया। बच्चों की सामूहिक आतिशबाजी ने उत्सव के उल्लास को और बढ़ा दिया।

बच्चों की खुशियों में शामिल हुईं विद्यालय की सचिव

कार्यक्रम का एक आत्मीय पल तब देखने को मिला, जब विद्यालय की सचिव उषा सिंह ने सभी विद्यार्थियों के बीच चॉकलेट वितरित कर उनके साथ दीपावली की खुशियां साझा कीं। उन्होंने विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए मिठाई और उपहार भेंट किए। उनकी इस पहल ने उत्सव के माहौल को और भी खुशनुमा बना दिया।

इस अवसर पर इंटर कॉलेज के प्राचार्य शिवपूजन सिंह चौहान, विद्यालय के प्रधानाध्यापक मुरारी प्रसाद सिंह सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों के उत्साह और रचनात्मक भागीदारी की सराहना की।

उत्सव के बहाने संस्कार और संस्कृति से जुड़ने का संदेश

जीसीजेडी हाई स्कूल का यह दीपावली उत्सव केवल रंगोली, चित्रांकन और दीप सज्जा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से बच्चों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं, आपसी प्रेम, भाईचारे और सामूहिक सहभागिता का महत्व भी समझाने का प्रयास किया गया।

विद्यालयों में ऐसे आयोजन बच्चों को किताबी शिक्षा से आगे बढ़कर अपनी प्रतिभा पहचानने, दूसरों के साथ मिलकर काम करने और सांस्कृतिक मूल्यों को आत्मसात करने का अवसर देते हैं।

जीसीजेडी हाई स्कूल में दीपों की रोशनी के बीच बच्चों के चेहरों पर खिलती मुस्कान ने यही संदेश दिया कि त्योहार की असली खूबसूरती महज सजावट और आतिशबाजी में नहीं, बल्कि साथ मिलकर खुशियां बांटने और रिश्तों में अपनापन बढ़ाने में है।