जियाडा क्षेत्र पर प्रशासन का शिकंजा! जमीन से अतिक्रमण तक अब फाइलों में नहीं चलेगा खेल

उपायुक्त की अध्यक्षता में हाईलेवल समन्वय बैठक, लंबित पजेशन और अतिक्रमित भूमि पर मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट

आदित्यपुर के जियाडा औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े जमीन, अतिक्रमण और वर्षों से लंबित मामलों को लेकर जिला प्रशासन ने अब गंभीर रुख अख्तियार किया है। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित संयुक्त समन्वय बैठक में लंबित मामलों के निष्पादन से लेकर अतिक्रमित भूमि को मुक्त कराने और औद्योगिक क्षेत्र की विधि-व्यवस्था मजबूत करने तक कई स्तरों पर अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ वन, नगर निकाय, राजस्व, स्वास्थ्य, प्रदूषण नियंत्रण, सड़क, भवन, पेयजल, बिजली और अग्निशमन समेत कई विभागों के अधिकारी शामिल हुए। जियाडा के क्षेत्रीय उप निदेशक, आदित्यपुर प्रमंडल दिनेश रंजन ने क्षेत्र से संबंधित विभिन्न मुद्दों की जानकारी अधिकारियों के समक्ष रखी।

जमीन के मामलों पर राजस्व विभाग को कार्रवाई का निर्देश

बैठक में भूमि से संबंधित प्रस्तावों की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने राजस्व विभाग को संबंधित मामलों में नियमानुसार अग्रेतर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। अतिक्रमण और लंबित पजेशन से जुड़े मामलों पर भी विशेष चर्चा हुई और जियाडा से विस्तृत प्रतिवेदन मांगा गया।

अतिक्रमित जमीन पर कार्रवाई की तैयारी

जियाडा क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में अतिक्रमित भूमि के मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने नियमानुसार कार्रवाई कर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।

औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा भी प्रशासन के रडार पर

आदित्यपुर और गम्हरिया क्षेत्र की विधि-व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा हुई। उपायुक्त ने क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्ती सुनिश्चित करने और सामाजिक तत्वों को चिह्नित कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

नशे के खिलाफ सिर्फ कार्रवाई नहीं, जागरूकता पर भी जोर

बैठक में नशा उन्मूलन को लेकर भी प्रशासन ने गंभीरता दिखाई। नशे के दुष्प्रभावों के प्रति आम लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया गया।

एक बैठक, कई मोर्चे—अब निगाह कार्रवाई पर

जियाडा क्षेत्र से जुड़े भूमि विवाद, अतिक्रमण, लंबित पजेशन, विधि-व्यवस्था, पुलिस गश्ती और नशा उन्मूलन जैसे मुद्दों को एक ही मंच पर उठाया जाना बताता है कि प्रशासन अब इन मामलों को संयुक्त समन्वय के साथ आगे बढ़ाना चाहता है। जमीनी आवाज का सवाल यही है—बैठकों में दिए गए निर्देश आखिर जमीन पर कब दिखाई देंगे?