घाटशिला महाविद्यालय में घाटशिला थाना और मऊभंडार ओपी की संयुक्त पहल, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को सड़क सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक।
तेज रफ्तार और तेज आवाज वाले मॉडिफाइड साइलेंसर की बाइकों पर कार्रवाई से सड़क सुरक्षा का संदेश; थाना प्रभारी भूषण कुमार ने आत्मसंयम और यातायात नियमों के पालन को बताया जरूरी।
जमीनी आवाज | विशेष रिपोर्ट
घाटशिला | असित भट्टाचार्य
सड़क सुरक्षा केवल नियम नहीं, जीवन बचाने की जिम्मेदारी
घाटशिला में सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस की सख्ती और जनजागरूकता की पहल एक महत्वपूर्ण संदेश दे रही है। तेज रफ्तार, अनावश्यक शोर और यातायात नियमों की अनदेखी न केवल वाहन चालकों, बल्कि सड़क पर चलने वाले दूसरे लोगों की जिंदगी के लिए भी खतरा बन सकती है। ऐसे में घाटशिला थाना प्रभारी भूषण कुमार के नेतृत्व में यातायात नियमों के पालन पर दिया जा रहा जोर सड़क सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है।
इसी क्रम में बुधवार को घाटशिला महाविद्यालय के सभागार में घाटशिला थाना और मऊभंडार ओपी की ओर से सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों को यातायात नियमों, सुरक्षित वाहन परिचालन तथा सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने की, जबकि संचालन प्रो. इंदल पासवान ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में अंतरराष्ट्रीय साइक्लिस्ट संतोष कुमार मिश्रा उपस्थित रहे। घाटशिला थाना प्रभारी भूषण कुमार और मऊभंडार ओपी प्रभारी नीरज कुमार गुप्ता ने भी सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी।

युवाओं के नाम संदेश: आत्मसंयम और यातायात नियम ही सुरक्षा की कुंजी
अंतरराष्ट्रीय साइक्लिस्ट संतोष कुमार मिश्रा ने सड़क दुर्घटनाओं के खतरे पर चिंता जताते हुए युवाओं को विशेष रूप से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि सड़क पर थोड़ी-सी लापरवाही भी गंभीर परिणाम ला सकती है। सुरक्षित यात्रा के लिए आत्मसंयम, सावधानी और यातायात नियमों का पालन सबसे जरूरी है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों और नागरिकों से अपील की गई कि वे वाहन चलाते समय हेलमेट का इस्तेमाल करें, निर्धारित गति सीमा का पालन करें, यातायात संकेतों का सम्मान करें और सड़क पर किसी भी तरह की लापरवाही से बचें।
भूषण कुमार की कार्यशैली: सख्ती के साथ सड़क सुरक्षा का संदेश
घाटशिला थाना प्रभारी भूषण कुमार की प्राथमिकताओं में स्वच्छता, सुरक्षा और शांति को प्रमुख स्थान दिया गया है। घाटशिला में उनकी पदस्थापना के बाद यातायात नियमों के पालन और सड़क पर अनुशासन बनाए रखने की दिशा में की जा रही कार्रवाई चर्चा में रही है।
विशेष रूप से तेज रफ्तार से चलने वाली बाइकों और अत्यधिक आवाज करने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर के इस्तेमाल पर कार्रवाई का उद्देश्य सड़क पर अनावश्यक शोर और संभावित जोखिमों को कम करने का संदेश देना है। दुर्गापूजा के दौरान और उसके बाद भी यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। ऐसे मामलों में चालान और मॉडिफाइड साइलेंसर हटाने जैसी कार्रवाई सड़क सुरक्षा के प्रति सख्त रुख का संकेत देती है।
हालांकि, किसी भी वाहन के विरुद्ध कार्रवाई में कानून और निर्धारित प्रक्रिया का पालन आवश्यक है। सड़क सुरक्षा का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका कम करना और सभी नागरिकों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है।
पुलिस और जनता मिलकर बनाएंगे सुरक्षित घाटशिला
थाना प्रभारी भूषण कुमार ने कहा कि घाटशिला क्षेत्र में पुलिस की प्राथमिकता स्वच्छता, सुरक्षा और शांति बनाए रखना है। उन्होंने विश्वास जताया कि घाटशिला महाविद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के सहयोग से क्षेत्र को अधिक स्वच्छ और सुरक्षित बनाया जा सकता है।
यह संदेश स्पष्ट है कि सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल पुलिस की नहीं है। वाहन चालक, पैदल यात्री, विद्यार्थी और अभिभावक—सभी की भूमिका महत्वपूर्ण है। यदि युवा यातायात नियमों को अपनी आदत में शामिल कर लें और अभिभावक भी बच्चों को जिम्मेदार वाहन परिचालन के लिए प्रेरित करें, तो सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
महाविद्यालय परिवार की रही सहभागिता
कार्यक्रम के अंत में प्रभारी प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया। मौके पर डॉ. दिलचंद राम, डॉ. संदीप चंद्रा, डॉ. महेश्वर प्रमाणिक, प्रो. इंदल पासवान, डॉ. सोमा सिंह, डॉ. मोहम्मद सज्जाद, डॉ. संजेश तिवारी, डॉ. कन्हाई बारीक, डॉ. सींगों सोरेन, डॉ. रुचि स्मिता, डॉ. चिरंतन महतो, प्रो. सरयू पाल, बसंती मार्डी, माणिक मार्डी सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

जमीनी आवाज का संदेश: रफ्तार से ज्यादा जरूरी है जिंदगी
सड़क पर रफ्तार का रोमांच कुछ पलों का हो सकता है, लेकिन लापरवाही का परिणाम जिंदगी भर का दर्द बन सकता है।
घाटशिला में सड़क सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान और यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई—दोनों का महत्व है। पुलिस की सख्ती तभी सबसे प्रभावी होगी, जब नागरिक भी उसे अपनी सुरक्षा से जोड़कर देखें। नियमों का पालन डर से नहीं, जिम्मेदारी समझकर होना चाहिए।
याद रखिए—सड़क आपकी भी है, जिंदगी आपकी भी है और किसी सुरक्षित घर वापसी की उम्मीद आपके परिवार को भी है।
हेलमेट पहनिए, रफ्तार नियंत्रित रखिए और यातायात नियमों का पालन कीजिए। सुरक्षित रहिए, दूसरों को भी सुरक्षित रखिए।
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