घाटशिला | असित भट्टाचार्य

दुर्गापूजा के उल्लास के बीच श्रद्धालुओं की सुरक्षा, शांति व्यवस्था और पुलिस-जनता के बीच विश्वास का मजबूत रिश्ता कायम रखना घाटशिला पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य के साथ घाटशिला थाना प्रभारी भूषण कुमार पूरे पुलिस दल के साथ शहर के विभिन्न इलाकों में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के साथ अपने पुलिसकर्मियों को जनता के प्रति सम्मानजनक व्यवहार करने और अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी संवेदनशीलता से करने की सीख दी।
थाना प्रभारी का अपनी टीम के प्रति स्पष्ट संदेश था कि पुलिस की वर्दी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने की पहचान नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा और सेवा की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया कि दुर्गापूजा के दौरान किसी श्रद्धालु या आम नागरिक के साथ दुर्व्यवहार नहीं होना चाहिए। हर व्यक्ति के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और किसी भी परिस्थिति में अनावश्यक जोर-जबरदस्ती से बचा जाए।
जनता पूछे तो जरूर बताएं अपनी पहचान, व्यवहार से जीतें लोगों का विश्वास
पुलिसकर्मियों को समझाते हुए भूषण कुमार ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि यदि कोई नागरिक किसी पुलिसकर्मी से उसकी पहचान पूछता है, तो उसे अपना परिचय जरूर देना चाहिए। वह झारखंड पुलिस का जवान हो या किसी अन्य पुलिस इकाई से संबंधित कर्मी, जनता के सवाल का शालीनता से जवाब देना और अपनी पहचान स्पष्ट करना जरूरी है।
पुलिस और जनता के बीच विश्वास तभी मजबूत होता है, जब कानून लागू करने वाले लोग भी अपने व्यवहार में पारदर्शिता और विनम्रता बनाए रखें। थाना प्रभारी की यह सीख पुलिसिंग के उस सकारात्मक पक्ष को सामने लाती है, जिसमें अनुशासन के साथ नागरिकों के सम्मान को भी बराबर महत्व दिया जाता है।

पूरे शहर में सुरक्षा का जायजा, नशे के खिलाफ सतर्क रहने का संदेश
दुर्गापूजा के मद्देनजर थाना प्रभारी भूषण कुमार अपने पूरे दल-बल के साथ घाटशिला के विभिन्न इलाकों में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जगह-जगह सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और नशे के सेवन तथा उससे जुड़ी संभावित समस्याओं की रोकथाम को लेकर पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने की बात कही।
त्योहारों के दौरान बाजारों, पूजा पंडालों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे समय में पुलिस की सक्रियता, समय पर कार्रवाई और संवेदनशील व्यवहार का विशेष महत्व होता है। नशे के कारण उत्पन्न होने वाली अव्यवस्था पर नजर रखने के साथ आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना भी पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
सुरक्षा के साथ संवेदनशीलता भी जरूरी
दुर्गापूजा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द, आपसी भाईचारे और सामूहिक उल्लास का अवसर भी है। ऐसे में पुलिस की भूमिका केवल भीड़ नियंत्रित करने या कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं रहती। श्रद्धालुओं की सहायता करना, जरूरतमंदों की बात सुनना, असामाजिक गतिविधियों पर नजर रखना और किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते संभालना भी उतना ही जरूरी है।
थाना प्रभारी भूषण कुमार द्वारा अपने पुलिसकर्मियों को दिए गए संदेश का मूल भाव यही है कि सुरक्षा व्यवस्था में सख्ती की जरूरत हो सकती है, लेकिन आम नागरिक के साथ सम्मान और शालीनता से पेश आना हमेशा महत्वपूर्ण है।

जनता का भरोसा ही पुलिस की सबसे बड़ी ताकत
घाटशिला में दुर्गापूजा के दौरान पुलिस की सक्रियता और जनता के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण त्योहार को शांतिपूर्ण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। पुलिसकर्मियों को अपनी पहचान स्पष्ट रखने, नागरिकों के साथ अच्छा व्यवहार करने और नशे के खिलाफ सतर्कता बरतने का संदेश देकर थाना प्रभारी ने जिम्मेदार पुलिसिंग के महत्व को रेखांकित किया है।
अब उम्मीद यही है कि पुलिस की यह सीख जमीनी स्तर पर भी दिखाई दे और दुर्गापूजा के दौरान हर श्रद्धालु, हर नागरिक तथा हर परिवार स्वयं को सुरक्षित और सम्मानित महसूस करे।
जमीनी आवाज की नजर: कानून का सम्मान और जनता का सम्मान एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक हैं। जब पुलिस का व्यवहार संवेदनशील होता है, तो वर्दी के प्रति जनता का भरोसा और मजबूत होता है। दुर्गापूजा के इस अवसर पर घाटशिला पुलिस के सामने भी यही सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है—सुरक्षा के साथ सेवा और अनुशासन के साथ सम्मान।