एच-रोड में मकान-जमीन का भौतिक सत्यापन, किराएदारों को कराया गया खाली; संदिग्ध गतिविधियों की कड़ियां खंगाल रही पुलिस
सरायकेला : विजय कुमार गोप
सरायकेला-खरसावां जिले में संगठित अपराध और कथित तस्करी नेटवर्क के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई का दायरा अब संपत्तियों और आर्थिक गतिविधियों की जांच तक बढ़ा दिया है। इसी क्रम में आदित्यपुर थाना पुलिस ने एच-रोड स्थित मुस्लिम बस्ती में कदीम खान से जुड़े बताए जा रहे मकानों और भूखंडों का भौतिक सत्यापन किया।
आदित्यपुर थाना प्रभारी अंजनी कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने संबंधित परिसरों की जांच की। पुलिस के मुताबिक, इन ठिकानों पर संदिग्ध गतिविधियों और असामाजिक तत्वों की आवाजाही की सूचना मिली थी। जांच के दौरान कुछ मकानों में रह रहे किराएदारों को खाली कराया गया। पुलिस की ओर से उनके सत्यापन की प्रक्रिया भी शुरू किए जाने की बात कही जा रही है।

डोली परवीन से जुड़ी संपत्तियां भी जांच के दायरे में
पुलिस की जांच केवल कदीम खान से जुड़े बताए जा रहे ठिकानों तक सीमित नहीं बताई जा रही है। उसकी पत्नी डोली परवीन के नाम दर्ज या उससे जुड़ी बताई जा रही जमीन और मकानों की भी पड़ताल की जा रही है।
जांच में संपत्तियों के स्वामित्व, उनके इस्तेमाल, किराए पर दिए जाने की स्थिति और वहां होने वाली गतिविधियों से जुड़े पहलुओं को शामिल किया जा रहा है।
हालांकि, किसी संपत्ति को लेकर अंतिम कानूनी निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है। कदीम खान या डोली परवीन से जुड़ी संपत्तियों के संबंध में अंतिम स्थिति पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
कथित किराया वसूली और तस्करी नेटवर्क की आर्थिक कड़ी की पड़ताल
पुलिस के सामने यह आरोप भी आया है कि कुछ संपत्तियों से प्राप्त किराए का इस्तेमाल कथित रूप से तस्करी नेटवर्क को आर्थिक मदद पहुंचाने में किया जा रहा था। इसी कथित आर्थिक कड़ी को पुलिस गंभीरता से खंगाल रही है।
जांच का एक अहम पहलू यह पता लगाना भी है कि संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े धन का स्रोत क्या था, संपत्तियों से होने वाली आय का इस्तेमाल किस तरह किया जाता था और क्या उसका किसी आपराधिक नेटवर्क से कोई संबंध था।
इन आरोपों की वास्तविकता जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस की कार्रवाई से बढ़ी हलचल
एच-रोड स्थित मुस्लिम बस्ती में संपत्तियों के भौतिक सत्यापन और किराएदारों को खाली कराए जाने की कार्रवाई के बाद इलाके में हलचल बढ़ गई है। पुलिस अब संपत्तियों के दस्तावेज, स्वामित्व, उपयोग और उनसे जुड़ी गतिविधियों की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
जांच का दायरा केवल एक व्यक्ति या एक-दो परिसरों तक सीमित रहने के बजाय कथित आर्थिक नेटवर्क तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस का पक्ष—साक्ष्यों के आधार पर होगी कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि जिले में संगठित अपराध और अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। अपराधियों को संरक्षण देने, उन्हें शरण देने या उनके कथित आर्थिक नेटवर्क को मजबूत करने वालों की भूमिका भी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांची जाएगी।
पुलिस के अनुसार, जांच में यदि किसी व्यक्ति की संलिप्तता या अपराध में भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जमीनी आवाज का सवाल
अब बड़ा सवाल यह है कि जिन संपत्तियों की पुलिस जांच कर रही है, उनका वास्तविक स्वामित्व, इस्तेमाल और आर्थिक गतिविधियों से संबंध जांच में कितना सामने आता है?
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई जारी है और अंतिम तस्वीर जांच पूरी होने तथा साक्ष्य सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी। जमीनी आवाज इस जांच और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर नजर बनाए रखेगा।