“साल बदला, लेकिन सवाल नहीं बदला”
दुर्गापूजा को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं, लेकिन घाटशिला अनुमंडल क्षेत्र की पूजा समितियों के सामने हर साल खड़े होने वाले कई सवाल इस बार भी कायम हैं। रविवार को घाटशिला के जेएन पैलेस में पूर्वी सिंहभूम सेंट्रल दुर्गा पूजा समिति की बैठक सह प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूजा समितियों की समस्याओं को लेकर खुलकर चर्चा हुई। लाइसेंस से लेकर विसर्जन घाट, सफाई, बिजली बिल और प्रशासनिक सहयोग तक कई मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए।





बैठक में गालूडीह के कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मानस दास ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा—“साल बदला, लेकिन सवाल नहीं बदला।” उनका कहना था कि हर वर्ष दुर्गापूजा से पहले पूजा समितियां लगभग उन्हीं समस्याओं को प्रशासन के सामने रखती हैं, लेकिन कई समस्याएं अगले साल फिर उसी जगह खड़ी मिलती हैं।
लाइसेंस का मुद्दा फिर सामने, अधिकारियों की अनुपस्थिति पर सवाल
बैठक में पूजा समितियों के अनुज्ञप्ति यानी लाइसेंस का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। बताया गया कि घाटशिला अनुमंडल क्षेत्र की सभी पूजा समितियों के पास लाइसेंस नहीं है और कई समितियां लंबे समय से इस समस्या का सामना कर रही हैं।
समिति की ओर से सवाल उठाया गया कि जब पूजा समितियों को लाइसेंस प्रशासनिक स्तर से जारी किया जाना है, तो अनुमंडल और प्रखंड स्तर के संबंधित अधिकारियों की बैठक में मौजूदगी क्यों नहीं रही। समिति ने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे को अब प्रशासन के समक्ष गंभीरता से रखा जाएगा।
तालाबों की सफाई से लेकर नदी में विसर्जन तक व्यवस्था की मांग
विसर्जन व्यवस्था भी बैठक में प्रमुख मुद्दा रही। वक्ताओं ने कहा कि कई स्थानों पर तालाबों की नियमित सफाई नहीं होने से प्रतिमा विसर्जन के दौरान परेशानी सामने आती है। ऐसे में नदी में विसर्जन के लिए भी उचित और सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई।
नगर क्षेत्र और मऊभंडार के विसर्जन घाटों को दुर्गापूजा से पहले तैयार कराने पर विशेष जोर दिया गया। घाटों की सफाई, पहुंच मार्ग, झाड़ियों की कटाई और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करने की मांग उठी। समिति की टीम पूर्व में मऊभंडार स्थित स्वर्णरेखा विसर्जन घाट का निरीक्षण भी कर चुकी है। निरीक्षण के दौरान सड़क की जर्जर स्थिति और घाट के आसपास झाड़ियों की समस्या सामने आने की बात कही गई।
तापस चटर्जी ने रखे मुद्दे, दुलाल भुइयां ने दिया भरोसा
समिति के कार्यकारी अध्यक्ष तापस चटर्जी ने पूजा समितियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को बैठक में रखा। उन्होंने लाइसेंस, विसर्जन घाट, सफाई और प्रशासनिक समन्वय सहित कई समस्याओं पर चर्चा की।
इन सभी मुद्दों को पूर्व मंत्री दुलाल भुइयां के समक्ष भी रखा गया। उन्होंने आश्वासन दिया कि 3 अक्टूबर को अनुमंडल कार्यालय में अनुमंडल पदाधिकारी सहित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष पूजा समितियों की समस्याएं रखी जाएंगी और समाधान की दिशा में पहल की जाएगी।
बिजली बिल माफी और भोग के लिए जरूरी सुविधाओं की मांग
बैठक में अमित राय ने पूजा समितियों के बिजली बिल माफ करने की मांग रखी। इसके अलावा पूजा के दौरान भोग तैयार करने के लिए समितियों को सिलेंडर और फ्रीजर जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठाया गया।
ग्रामीण क्षेत्र की पूजा समितियों को आयोजन के दौरान आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की मांग भी सामने आई। समिति की ओर से ग्रामीण पूजा समितियों को सूखा राशन और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की आवश्यकता बताई गई।
शांतिपूर्ण और नशामुक्त दुर्गापूजा का संदेश
बैठक के दौरान गालूडीह वैष्णो देवी मंदिर के पुजारी ने शांतिपूर्ण एवं नशामुक्त दुर्गापूजा मनाने की अपील की। उन्होंने पूजा को श्रद्धा, अनुशासन और सामाजिक सौहार्द के साथ मनाने का संदेश दिया।
61 पूजा समितियों की समस्याएं अब प्रशासन के सामने होंगी
पूर्वी सिंहभूम सेंट्रल दुर्गा पूजा समिति से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार घाटशिला अनुमंडल की 61 पूजा समितियों की समस्याओं को सूचीबद्ध कर प्रशासन के समक्ष रखा जाएगा। इनमें लंबित लाइसेंस, नई अनुज्ञप्ति, विसर्जन घाट, सफाई, सड़क, बिजली और अन्य स्थानीय समस्याएं शामिल हैं। समिति का कहना है कि उद्देश्य केवल समस्याओं को गिनाना नहीं, बल्कि पूजा से पहले प्रशासन और पूजा समितियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर समय रहते समाधान सुनिश्चित कराना है।
बैठक में महासचिव ललन यादव, संयुक्त सचिव डॉ. श्याम शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. रामस्वरूप यादव, बलदेव सिंह मेहरा, सचिव हर्ष यादव, पवन उपाध्याय सहित समिति के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
अब सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि समस्याएं क्या हैं, बल्कि बड़ा सवाल यह है कि हर साल उठने वाले इन सवालों का इस बार प्रशासनिक स्तर पर समाधान कब तक और कितना होता है।





