जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर सवाल

त्योहारों और रोजमर्रा की जिंदगी में आम आदमी जिन खाद्य पदार्थों पर भरोसा करके अपने परिवार को थाली तक पहुंचाता है, उनकी शुद्धता पर सवाल उठे तो मामला सिर्फ व्यापार का नहीं, बल्कि सीधे जनस्वास्थ्य का बन जाता है। इसी गंभीर चिंता को लेकर घाटशिला की सामाजिक संस्था 'सक्रिय संवेदना' ने खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली सामग्री की रोकथाम के लिए प्रशासन से ठोस और नियमित कार्रवाई की मांग की है।

प्रशासन को सौंपा गया पत्र

संस्था के संयोजक की ओर से 14 सितंबर 2026 को घाटशिला के अनुमंडल पदाधिकारी को सौंपे गए पत्र में कहा गया है कि स्थानीय दुकानों में खाद्यान्न, खाद्य तेल, दूध एवं दूध से बनी वस्तुओं, फल, सब्जियों, मिठाइयों सहित विभिन्न खाद्य सामग्री की बिक्री होती है। संस्था ने चिंता जताई कि मिलावट, नकली सामग्री और भ्रामक जानकारी से संबंधित सूचनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं, जिससे उपभोक्ताओं में असमंजस और आशंका पैदा होती है।

पत्र में प्रशासन से मांग की गई है कि अपंजीकृत और अनियंत्रित तरीके से बिकने वाली खाद्य सामग्री पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए नियमित अभियान चलाया जाए।

दुकानों में स्पष्ट हो खाद्य सामग्री की जानकारी

संस्था ने मांग की है कि दुकानों में बिकने वाली वस्तुओं की सूची, उनकी शुद्धता से संबंधित जानकारी, उपलब्धता और कीमत आदि का विवरण उपभोक्ताओं को स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराया जाए, जिससे ग्राहक को सामान खरीदते समय सही जानकारी मिल सके।

(नोट: मूल रिपोर्ट में औचक निरीक्षण और नमूना जांच से जुड़े आगे के विवरण अधूरे प्राप्त हुए हैं। पूर्ण जानकारी उपलब्ध होने पर रिपोर्ट अपडेट की जाएगी।)