सड़क निर्माण अधूरा, ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किलें

कलचिती पंचायत के दीघा चापड़ी गांव के वार्ड नंबर 10 में 15वीं वित्त आयोग की राशि से कराया जा रहा सड़क निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। सड़क निर्माण के लिए पहले खुदाई कराई गई, लेकिन खुदाई किए गए हिस्से में लगभग आधे भाग में ही सड़क की ढलाई हो सकी है। शेष हिस्सा अब भी अधूरा पड़ा हुआ है।

बारिश के कारण अधूरे सड़क वाले हिस्से में पानी जमा हो रहा है। इससे ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। विशेष रूप से स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों के लिए यह रास्ता जोखिम भरा बन गया है। ग्रामीणों को आशंका है कि जलजमाव और खराब रास्ते के कारण दुर्घटना भी हो सकती है।

आवेदन देकर अधूरी सड़क पूरी कराने की मांग

ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर कलचिती पंचायत के मुखिया बैजनाथ मुर्मू को आवेदन देकर अधूरे सड़क निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराने की मांग की है।

आवेदन में बताया गया है कि सड़क निर्माण के लिए खुदाई का काम तो कराया गया, लेकिन पूरी सड़क की ढलाई नहीं होने के कारण ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। बारिश में अधूरे हिस्से में पानी जमा होने से समस्या और गंभीर हो गई है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित सड़क निर्माण कार्य की जांच कराकर अधूरे काम को जल्द पूरा कराया जाए। साथ ही, जब तक सड़क का निर्माण पूरा नहीं होता, तब तक जलजमाव की समस्या से ग्रामीणों को राहत दिलाने के लिए आवश्यक व्यवस्था की जाए।

वार्ड 10 के प्रसेनजीत गोरी ने उठाया सवाल

दीघा चौकड़ी गांव के वार्ड नंबर 10 के प्रसेनजीत गोरी ने कहा कि सड़क अधूरी रहने के कारण ग्रामीणों को लगातार परेशानी हो रही है। उनका कहना है कि मुखिया बैजनाथ मुर्मू की ओर से संबंधित स्तर पर आवश्यक दबाव नहीं बन पा रहा है, जिसके कारण अधूरा सड़क निर्माण कार्य पूरा नहीं हो रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ सड़क निर्माण का मामला नहीं है, बल्कि बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा से जुड़ा सवाल भी है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई करनी चाहिए।

अब देखना है—कब पूरी होगी ग्रामीणों की सड़क?

15वीं वित्त आयोग की राशि से शुरू हुआ विकास कार्य यदि अधूरा ही रह जाए और बारिश में वही अधूरा रास्ता ग्रामीणों के लिए परेशानी बन जाए, तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि निर्माण कार्य की निगरानी किस स्तर पर हो रही है और ग्रामीणों की समस्या का समाधान कब होगा?

ग्रामीण अब उम्मीद लगाए बैठे हैं कि पंचायत और संबंधित विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अधूरी सड़क को शीघ्र पूरा कराएंगे।