खगोल विज्ञान के सितारे अमर पाल सिंह को राष्ट्रीय सम्मान, ‘जमीनी आवाज’ के सहयोगी को मिला नेशनल कलाम यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड

गुजरात के अंकलेश्वर में आयोजित छठवें भारतीय साइंस टेक्नो फेस्टिवल-2026 में मिली बड़ी उपलब्धि; खगोल विज्ञान और वैज्ञानिक चेतना के प्रसार में उनके प्रयासों को मिला राष्ट्रीय मंच पर सम्मान।

विज्ञान के प्रति समर्पण और नवाचार की सोच को मिली नई पहचान; ‘जमीनी आवाज’ ने अपने सहयोगी की उपलब्धि पर जताया गर्व और कहा—प्रतिभा, परिश्रम तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ही रोशन होगा भविष्य।

जमिनी आवाज | विशेष उपलब्धि रिपोर्ट

असित भट्टाचार्य की कलम से

कुछ उपलब्धियां केवल किसी एक व्यक्ति का सम्मान नहीं होतीं, बल्कि वे समाज की उम्मीदों, वैज्ञानिक सोच और नई पीढ़ी के सपनों को भी नई उड़ान देती हैं। खगोल विज्ञान के क्षेत्र में सक्रिय खगोलविद अमर पाल सिंह की उपलब्धि भी ऐसी ही है। गुजरात के अंकलेश्वर में आयोजित छठवें भारतीय साइंस टेक्नो फेस्टिवल-2026 में उन्हें प्रतिष्ठित ‘नेशनल कलाम यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि होने के साथ-साथ विज्ञान के प्रति समर्पण और वैज्ञानिक चेतना के प्रसार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की महत्वपूर्ण पहचान है।

‘जमीनी आवाज’ के सहयोगी की उपलब्धि पर परिवार जैसी खुशी

‘जमीनी आवाज’ के लिए यह खबर इसलिए भी विशेष महत्व रखती है, क्योंकि खगोलविद अमर पाल सिंह हमारे सहयोगी हैं। किसी सहयोगी की सफलता को अपनी खुशी मानना केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि उस साझा विश्वास और सकारात्मक सोच का सम्मान है, जिसके आधार पर एक बेहतर समाज बनाने का सपना देखा जाता है।

आज जब विज्ञान, तकनीक और अंतरिक्ष अनुसंधान की दुनिया तेजी से आगे बढ़ रही है, ऐसे समय में खगोल विज्ञान के प्रति लोगों की रुचि बढ़ाने और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करने वाले व्यक्तित्वों का सम्मान निश्चित रूप से उत्साहवर्धक है। अमर पाल सिंह को मिला यह पुरस्कार उनकी सक्रियता को नई पहचान देने के साथ-साथ उनके भविष्य के प्रयासों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।

‘जमीनी आवाज’ अपने सहयोगी की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करता है और इसे सकारात्मक सोच, वैज्ञानिक चेतना तथा समाज के प्रति रचनात्मक योगदान की दिशा में एक उल्लेखनीय पड़ाव मानता है।

अंकलेश्वर में सजा राष्ट्रीय मंच, खगोल विज्ञान के प्रयासों को मिली पहचान

24 और 25 अक्टूबर 2026 को गुजरात के अंकलेश्वर में आयोजित छठवें भारतीय साइंस टेक्नो फेस्टिवल में देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी वैज्ञानिक प्रतिभाओं, शिक्षाविदों और विज्ञान के प्रति समर्पित लोगों को अपनी सोच, रचनात्मकता और नवाचार प्रस्तुत करने का अवसर मिला।

इसी राष्ट्रीय आयोजन में अमर पाल सिंह को खगोल विज्ञान के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किए जा रहे उनके प्रयासों के लिए नेशनल कलाम यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान इस बात को रेखांकित करता है कि वैज्ञानिक गतिविधियों को समाज तक पहुंचाना और आम लोगों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा पैदा करना भी महत्वपूर्ण सामाजिक योगदान है।

इस आयोजन का उद्देश्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी, रचनात्मकता और नवाचार से जुड़ी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना तथा वैज्ञानिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना रहा। फेस्टिवल का आयोजन रमन साइंस एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन, एपीजे अब्दुल कलाम नेशनल काउंसिल ऑफ यंग साइंटिस्ट, नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर्स साइंटिस्ट सहित अन्य संस्थाओं के सहयोग से किया गया।

‘यह सिर्फ मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं’—अमर पाल सिंह

सम्मान प्राप्त करने के बाद अमर पाल सिंह ने अपनी उपलब्धि को केवल व्यक्तिगत सफलता मानने के बजाय उन सभी लोगों के योगदान से जोड़कर देखा, जो विज्ञान में विश्वास रखते हैं और समाज के लिए प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने का प्रयास करते हैं।

उनकी यह भावना सम्मान के महत्व को और व्यापक बनाती है। किसी पुरस्कार की वास्तविक सार्थकता केवल उसे प्राप्त करने में नहीं, बल्कि उससे मिलने वाली प्रेरणा को आगे बढ़ाने और समाज के लिए उपयोगी कार्य करते रहने में भी निहित होती है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास, विद्यार्थियों में जिज्ञासा का विस्तार और आम लोगों तक विज्ञान की समझ पहुंचाना ऐसे कार्य हैं, जिनका लाभ समाज को लंबे समय तक मिलता है। अमर पाल सिंह के सम्मान को इसी व्यापक संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और शुभचिंतकों ने दी बधाई

अमर पाल सिंह को प्रतिष्ठित सम्मान मिलने पर विज्ञान एवं खगोल विज्ञान जगत से जुड़े लोगों, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

उन्हें बधाई देने वालों में डॉ. चंद्रमौली जोशी, डॉ. जे. जे. रावल, अनिल यादव, महादेव पांडेय, सुरेश चंद्र शर्मा, सुमित श्रीवास्तव, डॉ. दिलीप भट्ट, डॉ. ए. सी. माथुर, डॉ. आलोक माथुर, डॉ. एस. पी. व्यास, इंजीनियर जयंत पी. जोशी, प्रो. हरिओम वत्स, प्रो. चंद्रमौली सोलंकी, प्रो. मुकेश कुमार, चित्रा सिंह, परिधि व्यास, सुशी सक्सेना, कावेरी यादव, अज़हर यूसुफ, अजय एस. टी. अली, बृजेश यादव, इंजीनियर वी. एन. राव रेड्डी, डॉ. राजेश ठाकुर, प्रो. आर. आर. एलांगेवन, डॉ. अमित, डॉ. चक्रपाणी पटनायक, अरविंद सिंह पटेल, डॉ. राहुल व्यास, इरितिका यूसुफ, हरिशंकर, देवेंद्र कुमार, राम कृपाल, अशोक मिश्रा, मुस्तन शेरूल्लाह, अमरेश कुमार, श्रुति और चोब सिंह सहित अनेक लोग शामिल हैं।

इन सभी ने अमर पाल सिंह की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आशा जताई कि वे भविष्य में भी खगोल विज्ञान, विज्ञान संचार और वैज्ञानिक जागरूकता के क्षेत्र में अपना योगदान जारी रखेंगे।

‘जमीनी आवाज’ की ओर से विशेष बधाई और शुभकामनाएं

‘जमीनी आवाज’ के लिए पत्रकारिता का अर्थ केवल घटनाओं को पाठकों तक पहुंचाना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले प्रयासों को पहचान देना भी है। हमारा विश्वास है कि उपलब्धियों को उचित सम्मान मिलने से न केवल संबंधित व्यक्ति का उत्साह बढ़ता है, बल्कि दूसरे लोगों को भी अपने क्षेत्र में बेहतर काम करने की प्रेरणा मिलती है।

खगोलविद अमर पाल सिंह को मिला यह सम्मान विज्ञान के प्रति समर्पण, निरंतर प्रयास और समाज के लिए कुछ सार्थक करने की भावना का उत्सव है। हम कामना करते हैं कि उनकी वैज्ञानिक यात्रा नई ऊंचाइयों तक पहुंचे, उनके प्रयास विद्यार्थियों और युवाओं में जिज्ञासा जगाएं तथा विज्ञान के प्रति समाज का विश्वास और मजबूत हो।

अमर पाल सिंह जी, इस शानदार उपलब्धि के लिए आपको हार्दिक बधाई!

आपकी सफलता पर ‘जमीनी आवाज’ को गर्व है। आपकी वैज्ञानिक सोच और आपका समर्पण आने वाले समय में भी समाज को नई दिशा देने वाले प्रयासों से जुड़े रहें—इसी विश्वास और शुभकामना के साथ।

जमीनी आवाज — खबरें जमीन की, जमाने की।