जामडीह रेलवे गेट बना जाम का जंजाल, दो दिन से सड़क पर वाहनों की लंबी कतार
ब्रेकडाउन वाहन ने बढ़ाई मुश्किल, ट्रेनों के गुजरने पर घंटों थम रहा यातायात
नीमडीह और चांडिल रेलवे स्टेशन के बीच स्थित जामडीह रेलवे फाटक इन दिनों राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बन गया है। दक्षिण पूर्व रेलवे के आद्रा मंडल के अंतर्गत आने वाले इस रेलवे गेट पर पिछले दो दिनों से जाम की स्थिति बनी हुई है। एनएच 18/32 पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई।


जानकारी के अनुसार, रेलवे गेट के समीप एक वाहन के ब्रेकडाउन होकर सड़क पर खड़े हो जाने से पहले से मौजूद जाम की समस्या और गंभीर हो गई। इसके साथ ही ट्रेनों के आवागमन के दौरान बार-बार रेलवे फाटक बंद होने से वाहनों की कतार लगातार बढ़ती चली गई।
बस, ट्रक से लेकर मरीज और स्कूली बच्चे तक परेशान
जाम में यात्री बसों, मालवाहक ट्रकों, छोटे वाहनों के साथ राहगीर भी घंटों फंसे रहे। स्कूली बच्चों और मरीजों को लेकर जा रहे वाहन भी जाम में फंसे नजर आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि पितकी रेलवे ओवरब्रिज के चालू होने से कुछ हद तक यातायात का दबाव कम हुआ है, लेकिन जामडीह रेलवे गेट पर ओवरब्रिज की सुविधा अब तक शुरू नहीं होने के कारण जाम की समस्या लगातार बनी हुई है।
ट्रेन गुजरते ही फिर लगती है वाहनों की कतार
स्थानीय लोगों के मुताबिक फाटक बंद होते ही दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग जाती है और कई बार यह कतार एक से दो किलोमीटर तक पहुंच जाती है।
ओवरब्रिज कब बनेगा जाम से मुक्ति का रास्ता?
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि जामडीह रेलवे गेट पर प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (ROB) ही इस समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और रेलवे से मांग की है कि ब्रेकडाउन वाहन को तत्काल सड़क से हटवाया जाए, यातायात नियंत्रण के लिए पुलिस बल तैनात की जाए और ओवरब्रिज का निर्माण शीघ्र पूरा किया जाए।
अब सवाल सिर्फ जाम का नहीं, बल्कि हर दिन जाम में फंस रहे हजारों यात्रियों के समय, ईंधन और जरूरी सेवाओं पर पड़ रहे असर का भी है।





