दिनदहाड़े बैंक में करोड़ों की डकैती, गनप्वाइंट पर खुलवाया चेस्ट—23.80 किलो सोना और लाखों कैश लेकर फरार हुए हथियारबंद बदमाश
गोलमुरी केनरा बैंक में बारिश की आड़ में घुसे पांच अपराधी, गार्ड को पीटा, कर्मचारियों को बंधक बनाया और मैनेजर से हथियार के बल पर खुलवाया लॉकर
सवाल सिर्फ करोड़ों की लूट का नहीं… बैंक की सुरक्षा, अपराधियों की रेकी और अंदर की जानकारी तक पहुंच पर भी उठ रहे गंभीर सवाल
लौहनगरी जमशेदपुर में गुरुवार की सुबह जो हुआ, उसने पूरे शहर की सुरक्षा व्यवस्था को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया। गोलमुरी स्थित केनरा बैंक की शाखा में बैंक खुलते ही हथियारबंद अपराधियों ने धावा बोल दिया। कर्मचारियों और सुरक्षा गार्ड को बंधक बनाया गया और बंदूक के बल पर बैंक का चेस्ट खुलवाकर नकदी तथा ग्राहकों का गिरवी रखा सोना लूट लिया गया।
पुलिस और बैंक प्रबंधन से सामने आई जानकारी के अनुसार अपराधी करीब 40 लाख रुपये नकद और 23.80 किलो मॉरगेज गोल्ड लेकर फरार हुए। सोने की कीमत का आकलन अलग-अलग रिपोर्टों में अलग है, लेकिन कुल लूट को करोड़ों रुपये की बड़ी बैंक डकैती बताया गया है।
बारिश बनी अपराधियों की ढाल!
सुबह बैंक खुलने के दौरान तेज बारिश हो रही थी। इसी का फायदा उठाकर अपराधी रेनकोट पहनकर बैंक के अंदर दाखिल हुए। रिपोर्टों के अनुसार अपराधियों की संख्या पांच के आसपास थी।
बैंक में घुसते ही उन्होंने हथियारों के बल पर कर्मचारियों को काबू में कर लिया। सुरक्षा गार्ड ने विरोध करने की कोशिश की तो उसके साथ मारपीट की गई और बंदूक की बट से घायल कर दिया गया। इसके बाद अपराधियों ने बैंक कर्मचारियों को बंधक बना लिया।
मैनेजर की कनपटी पर हथियार… और खुल गया चेस्ट
डकैतों ने बैंक मैनेजर को गनप्वाइंट पर लेकर चेस्ट खुलवाया। इसके बाद नकदी समेटी गई और गोल्ड लोन के बदले बैंक में सुरक्षित रखे ग्राहकों के सोने के पैकेट भी बैग में भर लिए गए।
यानी कुछ ही समय में बैंक की सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त और करोड़ों रुपये की संपत्ति अपराधियों के कब्जे में थी।
दो बाइक… और अपराधी फरार
वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी दो बाइकों से फरार हुए। पुलिस को बैंक और आसपास के इलाकों से सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। पुलिस अब इन फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान और उनके भागने के रास्ते का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 20 पुलिस अधिकारियों की एसआईटी गठित की है। जांच में कई डीएसपी और थाना प्रभारी शामिल किए गए हैं। पुलिस ने आसपास के इलाकों और दूसरे राज्यों की ओर जाने वाले संभावित रास्तों पर भी कार्रवाई तेज की है।
अब सबसे बड़ा सवाल—इतनी बड़ी डकैती की तैयारी कैसे हुई?
इतनी बड़ी वारदात महज अचानक हुई घटना थी या अपराधियों ने पहले से बैंक की गतिविधियों पर नजर रखी थी—यह जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
जमीनी आवाज के सवाल
- बैंक खुलने का समय अपराधियों को कैसे पता था?
- बैंक में करोड़ों रुपये मूल्य का मॉरगेज गोल्ड और लाखों की नकदी मौजूद होने की जानकारी अपराधियों तक कैसे पहुंची?
- क्या बैंक और आसपास के इलाके की पहले से रेकी की गई थी?
- बैंक की सुरक्षा व्यवस्था में आखिर ऐसी कौन-सी कमी थी कि हथियारबंद अपराधी अंदर घुसे, कर्मचारियों को बंधक बनाया और करोड़ों की संपत्ति लेकर निकल गए?
- अगर सीसीटीवी में अपराधियों की गतिविधियां कैद हुई हैं, तो क्या इन फुटेज से उनके पूरे नेटवर्क तक पहुंचना संभव होगा?
यह सिर्फ एक बैंक में हुई डकैती नहीं है। यह सवाल भी है कि शहर में बैंकिंग सुरक्षा की व्यवस्था कितनी मजबूत है और अपराधियों को इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देने का आत्मविश्वास आखिर कहां से मिला।
अब निगाहें पुलिस की जांच पर हैं—क्या करोड़ों की इस डकैती का पूरा सच सामने आएगा और लुटेरे कानून के शिकंजे में पहुंचेंगे?





