सरायकेला। सरायकेला-खरसावां जिला पुलिस के विशेष अभियान ‘प्रोजेक्ट डिवाइस’ ने कई लोगों के चेहरों पर महीनों बाद मुस्कान लौटा दी। जिला पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों से चोरी और गुम हुए 103 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंपे। आरआईटी थाना परिसर में आयोजित वितरण कार्यक्रम में जब लोगों को उनके खोए हुए मोबाइल वापस मिले तो उनके चेहरे खुशी से खिल उठे।

तकनीक और पुलिस के समन्वय से मिली सफलता

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी, सरायकेला अनुमंडल पदाधिकारी अनुभव भारद्वाज, आदित्यपुर थाना प्रभारी अंजनी कुमार तथा आरआईटी थाना प्रभारी रविकांत पाराशर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। एसपी मनोज स्वर्गियारी ने बताया कि सितंबर माह में जिला पुलिस की तकनीकी शाखा और विभिन्न थानों के समन्वित प्रयास से 103 मोबाइल फोन को ट्रैक कर बरामद किया गया। उन्होंने कहा कि पिछले दो महीनों में भी अभियान चलाकर गुम और चोरी हुए मोबाइल उनके मालिकों तक पहुंचाए गए हैं, लेकिन इस बार बरामदगी की संख्या उल्लेखनीय रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘प्रोजेक्ट डिवाइस’ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

खोया मोबाइल सिर्फ फोन नहीं, अपराध का जरिया भी बन सकता है

पुलिस अधीक्षक ने लोगों को आगाह करते हुए कहा कि चोरी या गुम हुए मोबाइल का गलत इस्तेमाल साइबर ठगी तथा अन्य आपराधिक गतिविधियों में किया जा सकता है। ऐसे में मोबाइल की समय पर रिपोर्टिंग और उसे ट्रैक कर बरामद करना केवल पीड़ित को उसका सामान वापस दिलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि संभावित साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

CEIR पर शिकायत करना न भूलें

जिला पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि मोबाइल चोरी या गुम होने की स्थिति में इंतजार न करें। तत्काल भारत सरकार के CEIR पोर्टल या संचार साथी ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस के अनुसार, समय पर शिकायत दर्ज होने से मोबाइल को ब्लॉक करने और उसके इस्तेमाल पर नजर रखने में मदद मिल सकती है। एक मोबाइल की कीमत सिर्फ उसकी कीमत नहीं होती—उसमें लोगों के संपर्क, दस्तावेज, तस्वीरें और कई जरूरी जानकारियां जुड़ी होती हैं। इसलिए मोबाइल गुम होते ही लापरवाही नहीं, तत्काल शिकायत जरूरी है।