जमीनी आवाज | विशेष रिपोर्ट

रिपोर्ट: विजय कुमार गोप

सरायकेला, झारखंड।

30 नवंबर तक अंतिम मतदाता सूची, राजनीतिक दलों की आपत्तियों का नियमानुसार होगा निपटारा : के. रवि कुमार

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल करने पर दिया जोर; नो-मैपिंग के मामलों में मान्य दस्तावेजों के आधार पर निबंधन का प्रावधान।

झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) के दौरान राजनीतिक दलों की ओर से दर्ज कराई जाने वाली आपत्तियों और शिकायतों का नियमानुसार समाधान किया जा रहा है। अंतिम मतदाता सूची 30 नवंबर तक प्रकाशित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन और आर्का जैन यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित मतदाता साक्षरता क्लब कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विधानसभा स्तर पर बीएलए-1 (BLA-1) और मतदान केंद्रों पर बीएलए-2 (BLA-2) की व्यवस्था की गई है।

राजनीतिक दलों की आपत्तियों का नियमानुसार होगा निपटारा

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान आपत्तियां दर्ज कराने का अधिकार संबंधित पक्षों को प्राप्त है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्राप्त शिकायतों और आपत्तियों की जांच कर उनका समाधान किया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध और अपनी बात रखने का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन विरोध के दौरान पथराव या कानून-व्यवस्था भंग करने जैसी घटनाएं होने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने पर विशेष जोर

के. रवि कुमार ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी पात्र नागरिक का नाम छूटना नहीं चाहिए। इसी उद्देश्य से शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ दूरदराज और जनजातीय इलाकों में भी पात्र लोगों का नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने नो-मैपिंग और अन्य विसंगतियों से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 12 मान्य दस्तावेजों में से किसी एक के आधार पर संबंधित नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के तहत निबंधन कराया जा सकता है।

ऐसे मामलों में पात्र नागरिकों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करने और निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने की जरूरत है, ताकि उनके नाम मतदाता सूची में शामिल किए जा सकें।

युवाओं और छूटे मतदाताओं से आवेदन की अपील

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने युवाओं और उन पात्र नागरिकों से विशेष रूप से अपील की, जिनका नाम किसी कारणवश मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि ऐसे नागरिक निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अपना नाम दर्ज कराने की पहल करें।

मतदाता सूची का शुद्धिकरण और पात्र नागरिकों का निबंधन लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मतदाता सूची में सही नाम, पते और अन्य आवश्यक विवरण सुनिश्चित होने से निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में मदद मिलती है।

जमीनी आवाज का सवाल: कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे

मतदाता सूची का पुनरीक्षण केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों से भी जुड़ा विषय है। इसलिए यह जरूरी है कि पात्र नागरिकों को नाम दर्ज कराने का उचित अवसर मिले और राजनीतिक दलों की आपत्तियों का निपटारा निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाए।

फिलहाल अंतिम मतदाता सूची 30 नवंबर तक प्रकाशित करने का लक्ष्य है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान पात्र नागरिकों के निबंधन, नो-मैपिंग के मामलों और राजनीतिक दलों की आपत्तियों का निपटारा किस प्रकार किया जाता है।

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