जमशेदपुर.... विजय कुमार गोप की रिपोर्ट


भारत की प्रमुख बिल्डिंग मटीरियल कंपनी न्युवोको विस्टास कॉर्प लिमिटेड (न्युवोको) ने स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए क्लीनमैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (क्लीनमैक्स) के साथ साझेदारी की है। दोनों कंपनियां राजस्थान में 46.4 मेगावॉट क्षमता वाले विंड-सोलर हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट को विकसित करेंगी।

राजस्थान के भीखमखोर में विकसित होने वाली इस परियोजना का उद्देश्य न्युवोको के सीमेंट ऑपरेशन्स के लिए स्वच्छ बिजली उपलब्ध कराना और कंपनी की डीकार्बोनाइजेशन रणनीति को गति देना है।

परियोजना में 20 मेगावॉट विंड क्षमता और 26.4 मेगावॉट डीसी सोलर क्षमता शामिल होगी। इसके साथ 2 मेगावॉट-घंटे (MWh) का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) भी स्थापित किया जाएगा। परियोजना के चालू होने के बाद इससे सालाना लगभग 100 मिलियन यूनिट (MU) स्वच्छ बिजली उत्पादन होने का अनुमान है।

कंपनियों के अनुसार, इस परियोजना से हर साल करीब 1,25,485 टन CO₂ उत्सर्जन कम करने में मदद मिलेगी। यह कमी स्कोप-1 और स्कोप-2 उत्सर्जन के स्तर पर दर्ज की जाएगी, जिससे न्युवोको के पर्यावरणीय लक्ष्यों को मजबूती मिलेगी।

संयंत्रों तक सीधे पहुंचेगी हरित बिजली

इस परियोजना से उत्पादित बिजली को स्टेट ट्रांसमिशन यूटिलिटी (STU) के ओपन एक्सेस नेटवर्क के माध्यम से सीधे न्युवोको के संयंत्रों तक पहुंचाया जाएगा। इससे कंपनी को अपने सीमेंट ऑपरेशन्स के लिए अक्षय ऊर्जा का एक वैकल्पिक और दीर्घकालिक स्रोत उपलब्ध होगा।

न्युवोको विस्टास कॉर्प लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर जयकुमार कृष्णास्वामी ने साझेदारी को कंपनी के अधिक टिकाऊ और हरित ऑपरेशन्स की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ना कंपनी की दीर्घकालिक डीकार्बोनाइजेशन रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

वहीं, क्लीनमैक्स के फाउंडर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर कुलदीप जैन ने कहा कि सीमेंट उद्योग में बिजली की मांग लगातार बनी रहती है। ऐसे में विंड और सोलर ऊर्जा का यह हाइब्रिड मॉडल लंबे समय तक भरोसेमंद स्वच्छ ऊर्जा समाधान उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

यह साझेदारी ऐसे समय में हुई है, जब ऊर्जा-गहन उद्योगों में पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता घटाकर नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने और कार्बन उत्सर्जन कम करने पर जोर बढ़ रहा है।